लालगंज आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। स्थानीय तहसील क्षेत्र के बसही अकबालपुर गांव के उत्तरी क्षेत्र के काश्तकार इस समय तीन तरह की समस्या बारिश न होने, नहर में पानी न आने और सुअरों के आतंक को झेल रहे हैं जिससे इस वर्ष उन्होंने खेती ही नहीं की है।
इस संबंध में पूछे जाने पर काश्तकार नूरैन अहमद ने बताया कि एक तो बारिश नहीं हुई दूसरे 1978 से निर्मित शारदा सहायक खंड 23 के मेहरो बसही माइनर में पानी नहीं आया, इसलिए लोग खेतों में धान की रोपाई नहीं कर पाए। मकई आदि की बुवाई के संबंध में कयामुद्दीन ने बताया कि यहां जंगली सूअरों का भी काफी आतंक है जिससे लोगों ने करीब चार-पांच वर्षों से मकई आदि की बुवाई ही पूरी तरह छोड़ दी है। उन्होंने बताया कि गांव के एक व्यक्ति पर विगत वर्ष एक जंगली सूअर हमला भी कर चुका है। गनीमत थी कि उनकी जान किसी प्रकार बच पाई थी। गांव के ही अब्दुल कलाम ने बताया कि उपरोक्त माइनर में पानी ना आने से काश्तकार पूरी तरह खेती नहीं कर पा रहे हैं। गेहूं और धान की फसल ही इस क्षेत्र में पैदा हो पाती थी लेकिन इस वर्ष बारिश न होने और नहर में पानी न आने से लोग धान की रोपाई नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने बताया कि जब पानी की जरूरत नहीं होती तब इसमें पानी छोड़ दिया जाता है इससे लोगों का काफी नुकसान भी होता है, अब पानी की जरूरत है तो पानी की सप्लाई नहीं की जा रही है, जिससे गांव के काश्तकारों में काफी रोष व्याप्त है। गांव के ही इमामुद्दीन अहमद ने बताया कि 1978 के करीब निर्मित मेहरो-बसही का यह माइनर पूरी तरह बेमानी साबित हो रहा है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष नहर की कुछ दूर सफाई तो कराई गई है लेकिन पूरी तरह सफाई भी नहीं कराई गई है कि इसमें पानी आ सके।
रिपोर्ट-मकसूद आजमी