नवीनता से परिपूर्ण होनी चाहिए शिक्षण विधि: जियालाल

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लालगंज आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। भारतीय शिक्षा समिति आजमगढ़ द्वारा संचालित जिले के समस्त आचार्यों का ‘आचार्य विकास वर्ग’ कार्यक्रम का नई शिक्षा नीति की चर्चा के साथ रविवार को समापन हो गया। समापन सत्र के मुख्य वक्ता प्रदेश निरीक्षक जियालाल गुप्त ने नवीन शिक्षा नीति पर विस्तार से प्रकाश डाला।
प्रदेश निरीक्षक श्री गुप्त ने कहा कि हमारे क्लास रूम स्मार्ट होने चाहिए। हमारे कैंपस आकर्षक हों तथा हमारी शिक्षण विधि नवीनता से परिपूर्ण होनी चाहिए। हम शिक्षकों का यह प्रयास होना चाहिए कि हमारा छात्र, जीवन को समग्रता के साथ स्वीकार करे तथा उसमें परिस्थितियों से संघर्ष करने की क्षमता विकसित हो। भारतीय शिक्षा समिति के जिला उपाध्यक्ष ओम प्रकाश सिंह ने कहा कि वर्तमान समय में हमारे शिशु मंदिरों के सम्मुख नई चुनौतियां खड़ी हैं। हमें उन चुनौतियों को स्वीकार करके आगे बढ़ना होगा। हमें अपने विद्यालय को अधिक बनाना होगा तथा हमारी कक्षाएं आधुनिक हों। शिशु मंदिरों में स्मार्ट क्लासेस की ब्यवस्था होनी चाहिए। जिला कोषाध्यक्ष उमाशंकर मिश्र तथा प्रधानाचार्य अंशदार यादव ने प्रशिक्षण वर्ग में सहभाग करने वाले सभी प्रधानाचार्यों, शिक्षकों तथा शिक्षिकाओं के प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर जिला प्रचारक अवनीश, रामजतन यादव, बैजनाथ सिंह, कमलाकांत, अशोक सोनकर, प्रदीप तिवारी, हनुमान, संतोष तिवारी, कार्तिक मिश्र, उषा, प्रेमशिला, अंकिता मौर्य, दीपांजलि, अनिल राय, बाबूराम चौरसिया, नीलम, विपिन, प्रांशु पाण्डेय आदि उपस्थित थे।
रिपोर्ट-मकसूद आजमी

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