आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के आजमगढ़ व मऊ इकाइयों के कार्यकर्ताओं ने सेमेस्टर परिणामों में व्यापक असफलता, शैक्षणिक अव्यवस्था तथा पारदर्शिता की कमी को लेकर महाराजा सुहेलदेव राज्य विश्वविद्यालय के कुलपति का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन कर 13 सूत्री मांगों का ज्ञापन सौंपा।
कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि परिणाम संबंधी त्रुटियों और प्रशासनिक लापरवाही से हजारों विद्यार्थी प्रभावित हो रहे हैं, जिससे उनके शैक्षणिक भविष्य पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। कार्यकर्ताओं ने विश्वविद्यालय प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि विद्यार्थियों की समस्याओं के निराकरण हेतु दस दिन के भीतर ठोस और पारदर्शी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। यदि निर्धारित समयावधि में संतोषजनक समाधान नहीं हुआ, तो परिषद व्यापक और उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगी।
परिषद ने प्रयोगात्मक अंकों के अभाव, उपस्थित छात्रों को अनुपस्थित दर्शाने जैसी गंभीर त्रुटियों की उच्चस्तरीय जांच और पारदर्शी मूल्यांकन की मांग की। लिखित परीक्षा प्रणाली को प्राथमिकता देने, शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक कार्यों से मुक्त कर नियमित कक्षाएं सुनिश्चित करने तथा सेमिनार व व्यवस्थागत कार्यों में अनावश्यक संलग्नता सीमित करने पर बल दिया। महाविद्यालयों में संभावित अनियमितताओं की स्वतंत्र जाँच, असफल विद्यार्थियों हेतु विशेष कक्षाएँ, परामर्श व पुनर्परीक्षा, अंतिम वर्ष के छात्रों के लिए स्पेशल बैक, पीएचडी कोर्सवर्क में लचीलापन और फीस असमानता में कमी की बात रखी।
इस अवसर पर अभाविप प्रांत मंत्री शशिकांत मंगलम, अंशु सिंह पटेल, अविनाश गुप्ता, अनन्या शर्मा, ज्ञान प्रकाश सिंह, आदित्य गांधी, रंजीत सिंह, आशुतोष गुप्ता, अंजली, गोल्डी, प्रिया, सोनम, संध्या, महक, रश्मि, सिद्धांत आदि मौजूद रहे।
रिपोर्ट-प्रमोद यादव/ज्ञानेन्द्र कुमार