आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। अठारहवीं लोकसभा के लिए जिले की दो लोकसभा सीटों के लिए हुए चुनावी महायज्ञ में 55.73 प्रतिशत लोगों ने आहुति दी, तो 16 लोगों ने सफलता की सिद्धि का भरपूर प्रयास किया है। ईवीएम में कैद जनता का फैसला मंगलवार को गणना पूरी होने के बाद सार्वजनिक कर दिया गया।
जिले में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की चुनावी सभा का प्रभाव चुनाव परिणाम के साथ निष्प्रभावी साबित हो गया। जिले की दोनों सीटों पर पहली बार सपा की साइकिल सरपट दौड़ी और उसके दोनों प्रत्याशियों के सिर पर जीत का ताज सज गया। आजमगढ़ से सपा के धर्मेंद्र यादव तो लालगंज (सुरक्षित) सीट से दरोगा सरोज ने पार्टी की झोली में सीट डाल दी। दोनों ही सीटों पर भाजपा आखिरी तक टक्कर देती रही। आजमगढ़ में 2022 के उपचुनाव में सांसद बने दिनेश लाल यादव निरहुआ और वर्ष 2014 में लालगंज से सांसद रहीं नीलम सोनकर जीत को आगे नहीं बढ़ा सकीं। आजमगढ़ में धर्मेंद्र यादव ने 508239 मत प्राप्त कर भाजपा के दिनेश लाल यादव निरहुआ को 161035 मतों के भारी अंतर से हरा दिया। दिनेश को 347204 वोट मिला, जबकि 179839 वोटों के साथ बसपा के मशहूद अहमद तीसरे पायदान पर रहे। इसके अलावा जनराज्य पार्टी के पारस यादव को 2491, निर्दल पंकज कुमार यादव को 1599, निर्दल शशिधर को 2232, मौलिक अधिकार पार्टी के रविन्द्र नाथ शर्मा को 3042, निर्दल विजय कुमार को 1735 एवं मूल निवासी समाज पार्टी के महेन्द्र नाथ यादव को 1905 मत प्राप्त हुए, जबकि 6234 लोगों ने नोटा का बटन दबाया।
लालगंज में सपा के दरोगा सरोज ने 439959 मत प्राप्त कर भाजपा की नीलम सोनकर को 115023 मतों के भारी अंतर से पराजित किया। नीलम को 324936 मत मिले, जबकि बसपा की इंदू चौधरी 210053 मत पाकर तीसरे स्थान पर रहीं। इसके अलावा निर्दल सुष्मिता सरोज को 2626, जनता क्रान्ति पार्टी (राष्ट्रवादी) के बलिन्दर को 4158, भाकपा के गंगादीन को 12271 एवं बहुजन मुक्ति पार्टी के राम प्यारे को 2341 मत प्राप्त हुए, जबकि 7094 वोटरों ने नोटा का बटन दबाया।
रिपोर्ट-प्रमोद यादव/ज्ञानेन्द्र कुमार