महराजगंज आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। श्रीराम का जीवन चरित्र मानवता, मर्यादा और आदर्शों का अनुपम उदाहरण है। यह विचार हनुमान गढ़ी अयोध्या के महंत अमित दास ने समाधि धाम में रामकथा के धार्मिक आयोजन के दौरान व्यक्त किये।
महंत अमित दास ने कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम का संपूर्ण जीवन सत्य, त्याग, करुणा और कर्तव्यबोध से ओत-प्रोत है, जो आज के समाज के लिए भी उतना ही प्रासंगिक है जितना त्रेता युग में था। श्रीराम ने अपने आचरण से यह सिद्ध किया कि विपरीत परिस्थितियों में भी संयम, धैर्य और धर्म के मार्ग पर चलकर जीवन को सफल बनाया जा सकता है। अमित दास ने कहा कि श्रीराम का वनवास, माता-पिता की आज्ञा का पालन, भ्रातृ प्रेम, प्रजा के प्रति उत्तरदायित्व और समाज के प्रति समर्पण मानवता के सर्वाेच्च आदर्श हैं। उनके चरित्र से हमें संस्कार, सेवा भावना और नैतिक मूल्यों की प्रेरणा मिलती है, जो व्यक्ति को आत्मिक और सामाजिक रूप से मजबूत बनाती है। उन्होंने यह भी कहा कि आज के भौतिकवादी युग में श्रीराम के जीवन से सीख लेकर ही समाज में समरसता, शांति और सद्भाव स्थापित किया जा सकता है। कार्यक्रम में उपस्थित श्रद्धालुओं ने श्रीराम के जीवन प्रसंगों को भावविभोर होकर सुना। वक्ताओं ने कहा कि श्रीराम का जीवन केवल एक कथा नहीं, बल्कि एक आदर्श जीवन पद्धति है, जिसे अपनाकर मानव जीवन को सरल, सुगम और सार्थक बनाया जा सकता है।
रिपोर्ट-राजनरायन मिश्र