लालगंज आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया) विकास खंड लालगंज के मई गांव स्थित आत्म अनुसंधान आश्रम परिसर के जया विजया प्रासाद मे महाशिव रात्रि के पर्व पर आयोजित गोष्ठी मे देर सायं श्रद्धालुओ को संबोधित करते हुए बाबा विशाल भारत ने कहा कि सनातन मे प्रत्यक्ष की पूजा होती थी। जो आस्था की धोतक थी लेकिन धीरे धीरे लोक आस्था का प्रदर्शन करने लगे। जिसके कारण सकारात्मकता की जगह नकारात्मकता बढ़ने लगी।
बाबा विशाल भारत ने कहा आज हर कोई अशान्त है उसका मूल कारण दिखावा एवं प्रदर्शन है। अपने मूल शिव एवं शिवा अर्थात माता पिता की उपेक्षा करते लोग मंदिरो में लम्बी-लम्बी लाइन लगा कर शिव एवं शिवा को ढूढ रहे है। सभी लोग स्वयं तो सीमित है लेकिन चाह असीमित की है। क्या यह सम्भव है। हमारे कृत्यो से ही विकृति एवं प्रदूषण बढ रहा है। जिसके कारण सतुलन गडबडा रहा है। आवश्यकता से अधिक धन का होना विपत्ति का कारण है। सभी को वर्तमान मे जीना चाहिए और इस पर विचार करना चाहिए कि हमारा वर्तमान कैसे मर्यादित एवं नियत्रित हो। न तो प्रेम भय से होता न स्वार्थ से होता है। इसे तो कृतिम प्रेम कहा जायेगा। संसार की हर वस्तु नाशवान है लेकिन वास्तविक प्रेम ही सत्य है। और सत्य कभी नष्ट नही होता क्योंकि सत्य ही शिव है। वायु प्रदूषण, जल प्रदूषण, ध्वनि प्रदूषण के जिम्मेदार हम मनुष्य ही तो है। इसलिए हम महाविनाश के मोहाने पर खडे है। कोई भी भौतिक वस्तु या पदार्थ नष्ट नही होता केवल उसका स्वरूप बदल जाता है। अध्यात्म एवं विज्ञान मे कोई अन्तर नही है।
रिपोर्ट-मकसूद अहमद