अहरौला आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में रियायती दरों पर दवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से स्थापित प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र एक बार फिर विवादों में घिर गया है। मरीज के तीमारदारों ने जन औषधि केंद्र पर बाहर से दवा मंगाकर अधिक कीमत पर बेचने का आरोप लगाया है।
मामले से आक्रोशित मरीज के तीमारदारों ने स्वास्थ्य मंत्री सहित विभाग के आला अधिकारियों को ट्वीट के माध्यम से शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत के बाद भाजपा नेताओं ने भी सीएचसी पहुंचकर हंगामा किया और व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए।
मंगलवार को जनार्दन पांडे 75 वर्ष इलाज के लिए सीएचसी अहरौला पहुंचे। डाक्टर द्वारा जांच के बाद सरकारी दवाओं के साथ कुछ दवाएं प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र से लेने की सलाह दी गई। आरोप है कि जब मरीज दवा लेने जन औषधि केंद्र पहुंचा तो वहां उपलब्ध दवा देने के बजाय बाहर से मंगाकर लिखित रिटेल प्राइस पर दवा दी गई।
इस बात को लेकर मरीज के तीमारदारों और जन औषधि केंद्र संचालक के बीच कहासुनी हो गई। तीमारदार शशांक पांडे ने इसका विरोध करते हुए तत्काल डिप्टी सीएमओ डा. आलेंद्र कुमार को फोन पर सूचना दी और पर्ची व दवाओं की फोटो भेजकर शिकायत की। साथ ही स्वास्थ्य निदेशालय एवं स्वास्थ्य मंत्री को भी ट्वीट कर मामले से अवगत कराया।
इस संबंध में डिप्टी सीएमओ डा. आलेंद्र कुमार ने बताया कि मरीज के तीमारदार द्वारा फोन पर शिकायत की गई है और दवा व पर्ची की फोटो भी भेजी गई है। उन्होंने कहा कि मामला संज्ञान में है, पहले भी ऐसी शिकायतें मिल चुकी हैं। जांच कराकर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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भाजपा नेताओं ने उठाए गंभीर सवाल
अहरौला (आजमगढ़)। शिकायत की जानकारी मिलते ही भाजपा मंडल अध्यक्ष अर्पित मौर्य, महामंत्री अमित श्रीवास्तव, भाजपा नेता बिरजानंद तिवारी और ओम प्रकाश यादव सीएचसी पहुंचे।
ओम प्रकाश यादव ने आरोप लगाया कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। उन्होंने कहा कि कई बार प्रसव कक्ष में बिजली न होने पर मोमबत्ती और मोबाइल की रोशनी में प्रसव कराया जाता है। प्रसूता महिलाओं को न तो भोजन दिया जाता है और न ही नाश्ता। यहां तक कि शुद्ध पेयजल की भी समुचित व्यवस्था नहीं है। मंडल अध्यक्ष अर्पित मौर्य ने कहा कि यह अत्यंत गंभीर मामला है। उन्होंने घोषणा की कि इस संबंध में जिलाधिकारी को पत्र लिखा जाएगा और स्वास्थ्य मंत्री बृजेश पाठक से मिलकर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार की छवि खराब करने का प्रयास किया जा रहा है, जबकि सरकार ने स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए पर्याप्त संसाधन उपलब्ध कराए हैं।
रिपोर्ट-संतोष चौबे