आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। नगर के नरौली, तमसा तट पर चल रहे 108 कुंडी रुद्र चंडी महायज्ञ से पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो गया है। हजारों भक्तगण दिन में रुद्राभिषेक, पूजन, हवन और यज्ञमंडप की परिक्रमा कर पुण्य अर्जित कर रहे हैं और शिव महापुराण की कथा सुनकर धन्य हो रहे हैं।
काशी के आचार्य पंडित अमन शुक्ला ने शिवशक्ति महायज्ञ की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह यज्ञ शिव शक्ति का स्वरूप है। उन्होंने कहा कि कलयुग के रुद्र विरूपाक्ष हैं। मृत्युलोक में माया सदैव पीछा करती है, इसलिए भगवत भजन में मन लगाना चाहिए। अभिषेक जी महाराज ने कहा कि इस महायज्ञ का आयोजन सनातन धर्म की रक्षा के उद्देश्य से किया गया है। इस कारण यज्ञ में भागीदारी कर स्वयं और धर्म की रक्षा करें। दिव्य विष्णु प्रिय जी महाराज और उत्तम दास जी महाराज ने अपने प्रवचन से लोगों का मन मोह लिया।
इस मौके पर कवि पं. सुभाष चन्द्र तिवारी कुन्दन, विपुल पांडेय, रामफल त्रिवेदी, मनोज पांडेय, ऋषि पांडे, सुजीत पाठक, राजेश रंजन, सुभाष शास्त्री, रूपेश तिवारी आदि मौजूद थे।
रिपोर्ट-प्रमोद यादव/ज्ञानेन्द्र कुमार