मार्टिनगंज आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। करीब 22 साल बाद रमजान का महीना सर्दी के मौसम में शुरू हो गया है जबकि रमजान की शुरुआत 19 फरवरी को हो गई है। इससे पूर्व वर्ष 2004 में रमजान का महीना अक्टूबर और नवंबर के बीच सर्दी में आया था। इसके बाद लगातार 22 वर्षों तक रमजान का महीना गर्मी के बीच आया और रोजेदारों को भीषण गर्मी और उमस भरे मौसम में रोजा रखना पड़ता था।
पवित्र महीना मुकद्दस रमजान को लेकर क्षेत्र में बाजार में काफी उत्साह दिखाई पड़ रहा है। बाजार में लोग खरीदारी कर रहे हैं। बाजारों में विभिन्न प्रकार के खजूर उपलब्ध हैं। रमजान को आत्म संयम, इबादत, सब्र और दान का महीना माना जाता है। इस दौरान मुस्लिम समुदाय अल्लाह की इबादत में अधिक समय व्यतीत करते हैं। पांच वक्त की नमाज अता करते हैं और रोजा रखकर अपने गुनाहों की माफी मांगते हैं।
इस महीने में का विशेष महत्व है क्योंकि इसी दौरान पवित्र कुरान का अवतरण हुआ था। इस महीने में कुरान पढ़ने और उसे समझने का शबाब कई गुना बढ़ जाता है। इसके साथ ही जरूरतमंदों की मदद करना और जकात देना भी अत्यंत महत्वपूर्ण माना गया है जो इस्लाम के पांच स्तंभों में से एक है।
रिपोर्ट-अद्याप्रसाद तिवारी