निगम को बचाने के लिए निजीकरण का निर्णय तत्काल किया जाय निरस्त

शेयर करे

आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। विद्युत कर्मचारी संघर्ष समिति आजमगढ़ ने कहा कि उप्र पॉवर कॉरपोरेशन और विद्युत वितरण निगमों ने डिस्कॉम एसोशिएशन को एक करोड़ 30 लाख 80 हजार का भुगतान किया रू घाटे के नाम पर निजीकरण की दलील देने वाले किस मद में डिस्कॉम एसोशिएशन को भुगतान कर रहे हैं।
विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, आज़मगढ़ ने खुलासा किया कि विगत 3 जून को उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन और उप्र के पांचो विद्युत वितरण निगमों ने ऑल इंडिया डिस्कॉम एसोशिएशन को एक करोड़ 30 लाख 80 हजार रुपए का भुगतान किया है। संघर्ष समिति ने सवाल किया है कि एक ओर पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन घाटे के नाम पर विद्युत वितरण निगमों के निजीकरण की दलील दे रहा है और दूसरी ओर एक निजी संस्था ऑल इंडिया डिस्कॉम एसोशिएशन को करोड़ों रुपए का चंदा दे रहा है, यह बहुत गम्भीर मामला है।
विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, आज़मगढ़ के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से कहा है कि ऑल इंडिया डिस्कॉम एसोशिएशन के गठन से लेकर उप्र पॉवर कॉरपोरेशन और विद्युत वितरण निगमों द्वारा डिस्कॉम एसोशिएशन को चंदा देने के मामले की उच्च स्तरीय जांच कराई जाय। साथ ही हितों के टकराव को देखते हुए उप्र पॉवर कॉरपोरेशन के चेयरमैन डॉ.आशीष गोयल को निर्देश दिया जाय कि वे या ऑल इंडिया डिस्कॉम एसोशिएशन के महामंत्री का पद छोड़ दें या पॉवर कॉरपोरेशन के चेयरमैन के पद से उन्हें हटा दिया जाय। संघर्ष समिति ने कहा कि ऑल इंडिया डिस्कॉम एसोशिएशन का गठन और चंदे की ऊपर से दिखाई दे रही रकम टिप ऑफ द आईस बर्ग है। संघर्ष समिति ने कहा कि पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण के पीछे मेगा घोटाला है। उत्तर प्रदेश के ऊर्जा निगमों को बहुत बड़े घोटाले से बचाने के लिए पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण का निर्णय तत्काल निरस्त किया जाय। आरोप लगाया कि निजीकरण के नाम पर करोड़ों रुपए का चंदा इकट्ठा हो रहा है और जमकर भ्रष्टाचार किया जा रहा है।
रिपोर्ट-बबलू राय/ज्ञानेन्द्र कुमार

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *