रानीकीसराय आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। स्थानीय क्षेत्र के चड़ई गांव स्थित जयबजरंग अखाडा द्वारा आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ मे अंतिम दिन जहां परिक्रमा के लिए रेला उमड़ पड़ा वहीं कथा वर्णन में श्रीकृष्ण की बाल लीला और रुकमणी विवाह का प्रसंग सुनाया। पूर्णाहुति में लोगो ने हिस्सा लिया। शनिवार को भंडारा में लोग प्रसाद ग्रहण करेंगे।
ज्ञान यज्ञ में यज्ञाधीश पं.प्रेमशंकर महराज रहे। वहीं आचार्य पं.दिवाकर तिवारी रहे। अंतिम दिन कथा वाचक विजय शास्त्री ने रुकमणी विवाह प्रसंग सुनाया। उन्होंने बताया कि भगवान कण कण में वास करते हैं उनसे केवल प्रीत लगाने की जरूरत है। जो सच्चाई पर रहते हुए भगवान में विश्वास रखते हैं कामनाओं की पूर्ति जरूर होती है। सतकर्मों पर चलते हुए भगवान की भक्ति में जो लीन होता है किसी न किसी रुप में दर्शन अवश्य पाता है। यज्ञ में बनाई गयी बेदी की अंतिम दिन परिक्रमा करने वालों का तांता लगा रहा। मत्रोच्चारण के बीच पूर्णाहुति में लोगो ने हिस्सा लिया। मंत्रोच्चारण से पूरा क्षेत्र भक्ति रस से सराबोर रहा। 14 जनवरी से शुरू यज्ञ का प्रसाद भंडारा शनिवार को होगा। कार्यक्रम में रामनाथ यादव, रामपाल यादव, अमरजीत यादव, शंकर यादव, रामनयन आदि ग्रामीण संचालन में लगे रहे।
रिपोर्ट-प्रदीप वर्मा