रेलवे स्टेशन: बारिश में दुश्वारियां झेलते हैं यात्री

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आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। रेलवे स्टेशन आजमगढ़ वर्तमान में मंत्रियों के लिए सुविधाजनक भी है तथा प्लेटफार्मों के निर्माणाधीन होने के कारण वृद्धों, महिलाओं, विकलांगों तथा छोटे बच्चों के लिए असुविधा जनक भी है। उसका कारण है प्लेटफार्म नम्बर दो-तीन पर जाने के लिए मरीजों तथा वृद्धों के लिए सीढ़ी पर चढ़ पाना अत्यन्त कष्टकारक साबित हो रहा है। लिफ्ट तथा स्वचालित सीढ़ियों की उपलब्धता यात्रियों द्वारा कई वर्षों से प्रतीक्षित है तथा यात्रीगण अब निराश हैं क्योंकि सीढ़ियों पर चढ़ने के लिए ह्वील चेयर के लिए ट्रैक भी नहीं बना है।
नई ट्रेनों के संचालन की आशा-निराशा में बदलती हुई प्रतीत हो रही है जबकि आजमगढ़ से बम्बई के लिए चलने वाली ट्रेन नम्बर 11053 तथा 11054 वर्तमान में बंद कर दी गयी है।
वातानुकूलित प्रतीक्षालय में प्रायः पी.एन.आर. नम्बर यात्रियों की जांच करने वाले किसी भी रेलवे कर्मचारी का उपस्थित होकर बैठाने का कार्य नहीं होता है जिससे स्लीपर, द्वितीय श्रेणी के आरक्षण का टिकटधारी यात्री उसमंे घुस कर असुविधा पैदा करता है तथा प्रथम श्रेणी प्रतीक्षालय में लोग सोते हुए भी मिलते हैं जिनके पास वैध टिकट भी उक्त श्रेणी के लिए नहीं होता।
यात्रियों की दुखद स्थिति झेलने के लिए उस समय आती है जब प्लेटफार्म नम्बर 2-3 पर जाते हैं तथा ट्रेन आने वाली होती है और बरसात होने लगती है क्यांेकि उक्त प्लेटफार्म पर टिनशेड अथवा साधारण छत भी नहीं है जिससे यात्री भीग जाते हैं।
यात्रियों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि कैफियात ट्रेन प्रायः प्लेट फार्म नम्बर 2-3 पर आती है जिससे यात्रियों को काफी असुविधा होती है। यात्रियों ने यह भी बताया कि सरजू-यमुना तथा गरीब निवाज ट्रेन लम्बी दूरी तय करने वाली ट्रेनें हैं जिसका स्टापेज हरदोई जिले में नहीं है जबकि वहां विष्णु भगवान ने दो बार (नृसिंह तथा वावन के रुप में) अवतार लिया था। वर्तमान में उक्त जनपद प्रसिद्ध तीर्थ स्थान भी माना जाता है। यहां ट्रेनों का ठहराव होना चाहिए। इसके अतिरिक्त पटना-इन्दौर ट्रेन को आजमगढ़ से होकर संचालित करने की तीव्र मांग आजमगढ़ के यात्रियों द्वारा की जाती रही है। परंतु कोई सुनवाई नहीं हुई। उक्त यात्रियों ने रेल मंत्री से जनपद से नई ट्रेनों के संचालन की तीव्र मांग की है।
जनसंदेश टाइम्स की टीम स्थानीय यात्रियों के कहने पर रेलवे स्टेशन पर जब पहुंची तो रेलवे स्टेशन अधीक्षक तथा स्टेशन मास्टर विभागीय कार्य करते हुए मशगूल मिले तथा पार्सल इंचार्ज व मण्डल वाणिज्य निरीक्षक ने टीम के कवरेज के लिए रेलवे स्टेशन पर काफी सहयोग किया।
रिपोर्ट-सुभाष लाल/प्रमोद यादव

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