फूलपुर आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। हर तरफ से किसान का ही शोषण हो रहा है। रबी की बुवाई के लिए हर तरफ डीएपी (डाई) उर्वरक की खोज खासकर इफको ब्रांड की उर्वरक की तलाश क्षेत्र के किसानों को रहती है। सरकारी गोदामो पर इफको उर्वरक की आपूर्ति होती है जो वर्षाें से किसानों की पहली पसंद है। इसके पूर्व हुए सरकारी गोदामो से डीएपी (डाई) उर्वरक का वितरण मूल्य 1375 रुपये में किया गया परन्तु आज साधन सहकारी समिति सदरपुर बरौली के गोदाम सुदनीपुर से ई-पास मशीन पर अंगूठा लगाकर 1450 रुपया जमा कराकर एनपीके उर्वरक का बितरण किया जा रहा है। जबकि बाजारों में आज भी पन्द्रह सोलह सौ मूल्य पर डीएपी उर्वरक मिल रही है।
थ्कसानों का मानना है कि डीएपी उर्वरक बुवाई के लिए सबसे बेहतर होती है। एनपीके दूसरे दर्जे पर मानी जाती है और डीएपी से सस्ती मार्केट में मिलती है। यहां सरकारी गोदाम से ही वितरित हो रहा डीएपी 1375 में मिली वहीं एनपीके 1450 रुपये में दिया जा रहा है। पचहत्तर रुपया महंगा किसानों को भारी पड़ रहा है। क्षेत्र के किसान आश्चर्य चकित भी हैं। बितरण के दौरान किसान नम्बर लगाने के बाद बढ़े हुए पैसे की तलाश करते नजर आए।
इस सम्बंध में साधन सहकारी समिति के सचिव सुधीर कुमार से बात करने पर बताया गया कि यह उर्वरक प्राइवेट उठान हुई है। किसानों की बुवाई प्रभावित न हो इसका मूल्य 1450 रुपये है वही लिया जा रहा है।
रिपोर्ट-मुन्ना पाण्डेय