प्रकृति और शरीर के बीच संतुलन बनाने का समय है नवरात्रि: गिरजा शंकर पाठक

शेयर करे

मार्टिनगंज आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। शक्तिपीठ माता अष्टभुजी देवी मंदिर परिसर में अष्टमी के पर्व पर मंदिर के पुजारी कर्मकांड विशेषज्ञ ज्योतिषाचार्य पंडित गिरजा प्रसाद पाठक ने कहा कि चैत्र नवरात्र प्रकृति और शरीर के बीच संतुलन बनाने का समय है। उजाले पक्ष अर्थात शुक्ल पक्ष की पहली तिथि को नवरात्र प्रारंभ होती है। इस समय मौसम में आए बदलाव से तालमेल बिठाने के लिए शरीर और मां को पूजा पाठ जब तक और उपवास के माध्यम से तैयार किया जाता है। चैत्र नवरात्र से हिंदुओं के नव वर्ष के पंचांग की गणना प्रारंभ होती है।
उन्होंने कहा कि नवरात्र नारी शक्ति का महोत्सव है जो स्त्री को स्वयं की तथा समाज को उसकी शक्ति का स्मरण कराता है। ज्योतिष शास्त्र में नारी का प्रतिनिधित्व शुक्र ग्रह करता है। यही शुक्र ग्रह लोगों को धन वैभव और ऐश्वर्य प्रदान करता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार धन लाभ के लिए शुक्र ग्रह का बलवान होना अत्यंत आवश्यक है। क्योंकि शुक्र का संबंध स्त्री से है इसलिए धन संपत्ति और ऐश्वर्य की कामना रखने वाले को स्त्रियों का अपमान नहीं करना चाहिए। जितना अधिक अंर्तमन से स्त्रियों के प्रति सम्मान का भाव रखेंगे उसी अनुपात में देवी की कल्याणकारी ऊर्जा आपका कल्याण करेगी। इस मौके पर डॉ.कमलेश विश्वास, सुनील पाठक, सतीश राय, उमेश राय, धर्मेंद्र सिंह, सुरेश यादव, अनिल यादव, विनोद यादव आदि उपस्थित रहे।
रिपोर्ट-अद्याप्रसाद तिवारी

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *