आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। नारी शक्ति वंदन अधिनियम लागू होने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का अभिनन्दन करते हुए दुर्गा जी पीजी कालेज के पूर्व प्राचार्य वेद प्रकाश उपाध्याय ने पत्रकार वार्ता में कहा कि राष्ट्र कवि जयशंकर प्रसाद ने नारी की कितनी संकुचित परिभाषा दिया कि केवल स्रोतस्विनी की तरह से पति के पैरों की छाया में बहना यही तुम्हारी नियति है। पुरूष चाहे जितना अत्याचार करे लेकिन नारी को सब सह कर पुरूष के हित में मुस्कुराना होता है। लेकिन वर्तमान स्वरूप बहुत बदला है नारियों ने हर क्षेत्र में दिखाया कि उनमें कर्तव्य परायणता, समर्पण, ज्ञान, विवेक और शक्ति है।
वर्तमान नरेंद्र मोदी सरकार उनका अधिकार देने के लिए पूर्णतया प्रतिबद्ध है और इस दिशा में प्रयास हो रहा है। नारी आधी आबादी है कम से कम उनको उनका हक तो मिलना चाहिए। केवल स्मृति के वाक्य में जोड़कर एक कृत्रिम के सम्मान का शब्द बनाकर नारी को अब नहीं छला जा सकता है। नारी शक्ति वंदन अधिनियम आधी आबादी को उनका हक देने का महत्वपूर्ण कदम है। इस कार्य के लिए हम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का अभिनन्दन करते हैं।
इस अवसर पर पूर्व सांसद संगीता आजाद, विभा बर्नवाल, मिथिलेश पांडेय, ऊषा आर्या, सुमन सिंह राठौर, अनीता पटेल, वंदना गुप्ता, रानी चौरसिया, माधुरी दुबे, अनीता मौर्या मौजूद रहीं।
रिपोर्ट-प्रमोद यादव/ज्ञानेन्द्र कुमार