आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। जनपद स्थित पौराणिक एवं धार्मिक महत्व के चन्द्रमा ऋषि आश्रम, सिलनी को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने की दिशा में जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार द्वारा महत्वपूर्ण पहल की गई है। इस स्थल पर “महर्षि वाल्मीकि ईको पार्क” के निर्माण हेतु उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग द्वारा ईको टूरिज्म परियोजना के अंतर्गत कुल 05 करोड़ रुपये का प्रस्ताव शासन को प्रेषित किया गया है।
उक्त परियोजना का डीपीआर (डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट) शासन द्वारा नामित आर्किटेक्ट एवीएफ क्रिएटिव कंसल्टेन्सी लिमिटेड द्वारा तैयार किया गया है। परियोजना का अप्रेजल 12 मार्च 2026 को शासन स्तर पर संपन्न हुआ।
प्रस्तावित महर्षि वाल्मीकि ईको पार्क के अंतर्गत चन्द्रमा ऋषि आश्रम परिसर में पर्यटकों एवं श्रद्धालुओं की सुविधा तथा प्राकृतिक सौंदर्य को ध्यान में रखते हुए विभिन्न आकर्षक एवं उपयोगी संरचनाओं का निर्माण कराया जाएगा। इस परियोजना के तहत गजीबो, व्यूइंग डेक, ईको कॉटेज, कैफेटेरिया, पर्यटन सूचना केंद्र, भव्य प्रवेश द्वार, चन्द्रमा ऋषि एवं महर्षि वाल्मीकि के जीवन वृत्त पर आधारित म्यूरल्स वाल, सोलर लाइट, मेडिटेशन एवं योगा सेंटर, आरती स्थल, बच्चों के लिए प्ले एरिया तथा आकर्षक पाथवे सहित अन्य आधारभूत सुविधाओं का विकास किया जाएगा।
इस परियोजना के क्रियान्वयन से चन्द्रमा ऋषि आश्रम क्षेत्र को एक प्रमुख आध्यात्मिक एवं ईको-टूरिज्म स्थल के रूप में विकसित किया जा सकेगा। साथ ही यहां आने वाले श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों को बेहतर, सुरक्षित एवं आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी, जिससे पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा तथा स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे।
जिलाधिकारी द्वारा अपेक्षा व्यक्त की गई है कि इस महत्वाकांक्षी परियोजना के क्रियान्वयन से जनपद आजमगढ़ के धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों को नई पहचान मिलेगी और क्षेत्र में पर्यटन विकास को नई गति प्राप्त होगी।
रिपोर्ट-सुबास लाल