अतरौलिया आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। स्थानीय नगर पंचायत क्षेत्र के वार्ड नंबर तीन स्थित एकलव्य नगर में रविवार को महाराजा निषादराज गुह्य की जयंती हर्षाेल्लास और उत्साह के साथ मनाई गई। इस दौरान केक काटकर और मिठाई खिलाकर एक-दूसरे को बधाई दी गई तथा निषादराज के चरणों में श्रद्धा सुमन अर्पित किए गए। मुख्य अतिथि कन्हैया निषाद, विशिष्ट अतिथि संतराम निषाद, संयोजक धर्मेंद्र निषाद और आयोजक सुरेंद्र निषाद रहे।
वक्ताओं ने निषाद समाज के उत्थान के लिए शिक्षा को सबसे अहम साधन बताया। उन्होंने कहा कि समाज तभी आगे बढ़ेगा जब हर घर का बच्चा शिक्षित होगा। वक्ताओं ने कहा कि “चाहे एक रोटी कम खाएं, लेकिन बच्चों को जरूर पढ़ाएं।” कन्हैया निषाद ने कहा कि वे उच्च शिक्षा हासिल कर डॉक्टर, पुलिस अधिकारी और जिलाधिकारी जैसे पदों तक पहुंचें और समाज का नाम रोशन करें। इस अवसर पर समाज को नशे जैसी कुरीतियों से दूर रहने और बच्चों के उज्ज्वल भविष्य पर ध्यान देने का संदेश भी दिया गया। धर्मेंद्र निषाद ने कहा कि त्रेतायुग और द्वापर युग से ही इस समाज का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। अपनी विरासत और पूर्वजों को याद रखना समाज की पहचान के लिए जरूरी है।
कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि जब क्षेत्र में कहीं जयंती नहीं मनाई जाती थी, तब इसकी शुरुआत एकलव्य नगर से हुई थी, जो आज पूरे प्रदेश में फैल चुकी है। अंत में सभी ने समाज के उत्थान, शिक्षा के प्रसार और आपसी भाईचारे को मजबूत करने का संकल्प लिया।
इस मौके पर संतराम निषाद, सुभाष निषाद, वीरेंद्र, बुधिराम, रूपक, प्रेम बाबू, महेंद्र यादव, दीपक सिंह, श्याम बिहारी चौबे, रामजतन मोदनवाल, फूलचंद, बालचंद, पप्पू आदि उपस्थित रहे।
रिपोर्ट-आशीष निषाद