आजमगढ़। तीन दिवसीय कुर्बानी के त्योहार बक़रीद के मौके पर अति संवेदनशील क्षेत्र माना जाने वाला मुबारकपुर थाना क्षेत्र का लोहरा गांव शनिवार को पुलिस छावनी में तब्दील हो गया पुलिस प्रशासन व जिला प्रशासन शनिवार को गांव में पहुँचकर विशेष रूप से बड़े पशुओं भैंस की कुर्बानी पर रोक लगाने के न्यायालय के आदेश के अनुपालन में शतप्रतिशत पालन कराने के लिए कैम्प कर दिये हैै।
कई दशक पूर्व लोहरा गांव में बड़े पशु मुख्य रूप से भैंस की कु़र्बानी को लेकर सम्प्रदायिक विवाद हो गया था मामला न्यायालय तक पहुंचा जिसपर न्यायालय द्वारा लोहरा गांव में बड़े पशु मुख्य रूप से भैंस की क़र्बानी पर रोक लगा दी थी उसी समय से प्रति वर्ष बक़रीद के त्योहार पर जिला प्रशासन व पुलिस प्रशासन द्वारा बक़रीद के त्योहार के एक दिन पूर्व ही से लोहरा गांव को चार दिनों तक पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया जाता है। न्यायालय के आदेश के क्रम में लोहरा गांव के लोग गांव में बड़े पशु भैंस की कुर्बानी नही करते हैं बल्कि बग़ल के गांव फखरुद्दीनपुर में अपने जानवरों को ले जाकर कुर्बानी करते हैं। इस वर्ष रविवार, सोमवार, मंगलवार को बक़रीद का त्योहार मनाया जाएगा इसलिए शनिवार को ही प्रति वर्ष की तरह इस वर्ष भी लोहरा गांव को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया।
शनिवार को शाम चार बजे ज़िला प्रशासन के नेतृत्व में पुलिस प्रशासन सहित लोहरा गांव में घर घर बड़े पशुओं भैंस आदि की तलाशी अभियान चलाया गया। पालतू व दूध देने वाले पशु भैंस आदि जानवरों की गिनती कर गांव के बाहर कर दिया गया तीन दिनों के बाद उन जानवरों को लोग अपने घर वापस लाएंगे। शनिवार को क्षेत्राधिकारी सदर सौम्या सिंह, एसडीएम सदर, लोहरा गांव पहुंचकर स्थिति का जायज़ा लिया। सुरक्षा की दृष्टि से गांव में एसडीएम जलराजन चौधरी, तहसीलदार उमाशंकर सिंह,नायब तहसीलदार श्रीराम गोड़ 12 उपनिरीक्षक एसआई, 6 हेड कांस्टेबल, 20 महिला सिपाही, 40 कन्स्टेबल एक प्लाटून पीएसी सहित कैम्प लगातार स्थिति का जायज़ा ले रहे हैं।