साहित्य होता है समाज का दर्पण: डा.नरेंद्र नाथ

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बूढ़नपुर आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। स्थानीय तहसील क्षेत्र के अतरैठ स्थित सरस्वती शिशु मंदिर पर हिंदी पखवाड़े के उपलक्ष्य में काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया जिसमें मंडल व आसपास के जिलों के सैकड़ों कवियों ने हिस्सा लिया। मुख्य अतिथि के रूप में जीएसएस पीजी कॉलेज के पूर्व प्रवक्ता डॉ.नरेंद्र नाथ यादव उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि साहित्य समाज का दर्पण होता है।
विशिष्ट अतिथि उदय राज यादव ने कहा कि कवि समाज का पथ प्रदर्शक होता है। वह अपनी रचना के माध्यम से एक नए युग का आरंभ करता है। अध्यक्षता कर रहे साहित्यकार कवि डॉ.राजाराम सिंह ने कहा कि कविता के माध्यम से समाज में बढ़ रही कुरीतियों का दमन किया जा सकता है। बूढ़नपुर तहसील के कवि लाल बहादुर चौरसिया लाल द्वारा मनमोहक काव्य पाठ किया गया। कवि घनश्याम यादव द्वारा समाज में हो रही बुराई और अत्याचार के बारे में काव्य पाठ किया गया। बालेदीन बेसहारा ने बेटियों पर हो रहे अत्याचार को उजागर किया। कार्यक्रम को आयोजक मंडल के सदस्य साहित्यकार विजय प्रताप यादव बूढ़नपूरी, अटेवा अध्यक्ष महेंद्र मृदुल ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर जयहिंद सिंह, राजनाथ राज, विजेंद्र श्रीवास्तव, शैलेंद्र राय, पटपट अभिराज, जितेंद्रहरि लाल राजभर, कृष्णदेव घायल, रविंदर यादव, सोहन लाल गुप्ता, बैजनाथ गंगवार, रुद्रनाथ रूद्र, लालजी यादव बागी, विजय श्रीवास्तव, रोहित बारी आदि उपस्थित रहे।
रिपोर्ट-अरविन्द सिंह

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