आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। मनरेगा कानून को केंद्र सरकार द्वारा उसमें बदलाव कर संशोधन करने को लेकर वामपंथी पार्टियों के राष्ट्रीय अभियान के तहत आजमगढ़ में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी, सीपीएम और माले के कार्यकर्ताओं ने शहीद कुंवर सिंह पार्क से जुलूस निकालकर पूरे कलेक्ट्रेट का भ्रमण करते हुए प्रदर्शन किया। उसके बाद राष्ट्रपति को संबोधित सात सूत्रीय मांगपत्र जिलाधिकारी के माध्यम से दिया।
वामपंथी कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि दुर्भाग्य है कि आजादी के नायक राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के नाम पर मनरेगा जैसी ऐतिहासिक योजना से उनका नाम हटाकर उनका अपमान किया है। महात्मा गांधी ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के स्थान पर विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन बिल लोकसभा में पेश करके बीजेपी सरकार मनरेगा कानून की हत्या कर रही है। मनरेगा में पहले 90 प्रतिशत केंद्र और 10 प्रतिशत राज्य के ऊपर भार था। अब राज्यों पर यह भार 40 प्रतिशत कर दिया गया। राज्य सरकारें पहले से ही कर्ज में डूबी हैं। इसका परिणाम होगा कि धन के अभाव में नया ऐक्ट अंतिम सांस लेने लगेगा। वामपंथी नेताओं ने पर आरोप लगाते हुए कहा कि बीजेपी सरकार गरीबों और खेत मजदूरों से उसकी आजीविका के साधन छीनकर मजदूरों को गुलाम बनाना चाहती है।
रिपोर्ट-प्रमोद यादव/ज्ञानेन्द्र कुमार