मेहनगर आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। स्थानीय तहसील के ग्राम जियासड़ में स्व. राम कुंवर सिंह स्मृति निवास में चल रही श्रीमद् भागवत कथा के क्रम में शुक्रवार को प्रथम दिन कथावाचक सुशील पांडेय ने कहा कि अनेक जन्मों के संचित पूर्ण और पूर्वजों के आशीर्वाद से ही भागवत कथा श्रवण का सौभाग्य मिलता है। उन्होंने कहा कि राम कथा मनुष्य को जीवन का पाठ सिखाती है जबकि भागवत कथा मृत्यु के रहस्य को सरल बनाकर मोक्ष की ओर ले जाने वाली दिव्य शिक्षा प्रदान करती है।
उन्होंने धुंधकारी व गोकर्ण प्रसंग का वर्णन करते हुए बताया कि बुधवार हेतु देव ऋषि नारद ने गोकर्ण को उपाय बताया कि सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा का श्रवण ही उसे मुक्त कर सकता है। गोकर्ण द्वारा आयोजित सप्ताह भर की कथा के दौरान प्रतिदिन धुंधकारी के बंधन टूटते गए और कथा पूर्ण होते ही उसे मोक्ष का दिव्य विमान प्राप्त हुआ। यह प्रसंग भागवत कथा के अद्भुत महिमा का प्रमाण है कि हरि कथा पापी से पापी जीवन को भी मुक्त करने का समर्थ रखती है। भागवत कथा को नील रत्न दूबे, काशी की नगरी से त्रिलोकी नाथ पाण्डेय, दुर्गेश चौबे ने भी प्रवचन किया।
इस मौके पर मुख्य यजमान संजय सिंह प्रवक्ता, विजय कुमार सिंह जिला मंत्री माध्यमिक शिक्षक संघ, अंजय सिंह, महेंद्र सिंह, बृजभूषण सिंह, रमाशंकर सिंह, धीरज पांडे, सृजन सिंह, कांति सिंह, गिरिजा सिंह, बंदना सिंह, ममता सिंह आदि उपस्थित थीं।
रिपोर्ट-धीरज तिवारी