अहरौला आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। भोजपुरी साहित्य को समर्पित भोजपुरी पांडुलिपि प्रकाशन योजना के अंतर्गत तथागत ट्रस्ट द्वारा चयनित कवि लालबहादुर चौरसिया ‘लाल’ की अप्रकाशित भोजपुरी पांडुलिपि “चुभे लागल बरगद के छाँव” का सफलता पूर्वक प्रकाशन सर्वभाषा प्रकाशन (भोजपुरी प्रकाशन) द्वारा किया गया है।
इस बहुप्रतीक्षित पुस्तक का लोकार्पण आगामी 21 मार्च को वाराणसी स्थित बनारस पब्लिक स्कूल, बरजी गांव में आयोजित भव्य समारोह में किया जाएगा। कार्यक्रम का आयोजन तथागत ट्रस्ट के सौजन्य से होगा।
मुख्य अतिथि के रूप में शिव प्रताप शुक्ला (राज्यपाल, तेलंगाना) उपस्थित रहेंगे। अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार प्रो. सदानंद शाही तथा संचालन डॉ. सोनी पांडेय एवं डॉ. गोपाल यादव द्वारा किया जाएगा। संरक्षक के रूप में डॉ. नागेंद्र प्रसाद सिंह (पूर्व आईएएस) एवं कार्यकारी अध्यक्ष, भारतीय शिक्षा बोर्ड का मार्गदर्शन प्राप्त रहेगा।
कवि लालबहादुर चौरसिया ‘लाल’ ने इस अवसर प तथागत ट्रस्ट के सभी पदाधिकारियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए इसे अपने साहित्यिक जीवन का महत्वपूर्ण पड़ाव बताया। इस नई पुस्तक के साथ कविवर की कुल तीन पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं जिसमें “आंसू से मुस्कान लिखेंगे”, “मैं मधुमास ढूँढ़ने आया” तथा “चुभे लागल बरगद के छाँव” हैं। उन्होंने बताया कि नई पुस्तक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म अमेजॉन एवं फ्लिपकार्ट पर भी उपलब्ध है, जिससे भोजपुरी साहित्य प्रेमी इसे आसानी से खरीद सकते हैं।
मंगलवार को गोपालगंज बाजार स्थित कविवर के पुस्तकालय में पत्रकार संतोष चौबे से हुई संक्षिप्त मुलाकात के दौरान कविवर ने अपनी खुशी साझा की। क्षेत्रीय लोगों की बधाइयों से उत्साहित होकर उन्होंने अपनी पहली पुस्तक “आंसू से मुस्कान लिखेंगे” भेंट की और अपनी साहित्यिक यात्रा तथा सफलता के लिए तथागत ट्रस्ट को विशेष धन्यवाद दिया। यह उपलब्धि न केवल कविवर के लिए, बल्कि भोजपुरी साहित्य जगत के लिए भी एक गौरवपूर्ण क्षण है।
रिपोर्ट-संतोष चौबे