रानीकीसराय आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। स्थानीय ब्लाक क्षेत्र के बेलइसा स्थित काली हनुमान मंदिर पर शतचंडी महायज्ञ मंे पहले दिन कलश शोभा यात्रा गाजे बाजे के साथ निकली। जयघोष से पूरा क्षेत्र गुंजायमान रहा।
जन कल्याण हेतु आयोजित शतचंडी महायज्ञ के पहले दिन शोभायात्रा यज्ञ मंडप से निकली। 108 कलश लिए कन्याओं के साथ अन्य श्रद्वालु भी सहभागी रहे। तामसा नदी तट से कलश मंे जल लेकर यज्ञ मंडप तक पहंुची। तीन किमी की दूरी तक कलश यात्रा में हाथी घोड़े गाजे बाजे के साथ जयघोष से क्षेत्र गुंजायमान रहा। श्रद्वालु भी कतारबद्ध चल रहे थे। यज्ञ मंडप पर अग्नि प्रवेश प्रक्रिया के साथ विद्वानों द्वारा मंत्रोच्चारण के बीच यज्ञ प्रांरभ हो गई। यज्ञ प्रारंभ होते ही यज्ञबेदी की परिक्रमा भी शुरु हो गई। श्रद्वालुओं ने परिक्रमा कर सुख समृद्धि की कामना की। आयोजित यज्ञ में प्रतिदिन रामकथा का वर्णन होगा। यज्ञाचार्य पवन पांडेय ने बताया कि यज्ञ से मन ही नहीं अपितु वातावरण मंे भी शुद्वता आती है। मन को शांति और विचार भी परिवर्तित होते हैं। कार्यक्रम में कथा वाचक हरिदास जी महराज, रामशरण रामायणी अयोध्या और मुख्य रुप से रामनारायण दास फलहारी बाबा उपस्थित रहे।
रिपोर्ट-प्रदीप वर्मा