आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। नर्सिंग स्टाफ के बिना चिकित्सा के क्षेत्र में एक कदम भी चलना संभव नहीं है। एक डाक्टर मरीज की डायग्नोसिस कर तदनुसार दवा उपलब्ध कराता है, परंतु एक स्टाफ नर्स पूरे समय तक मरीज के पास उपस्थित होकर सम्पूर्ण चिकित्सा व्यवस्था को अमलीजामा पहनाती हैं।
उक्त बातें प्रधानाचार्य डाक्टर बीके राव ने कही। वे रविवार की शाम राजकीय मेडिकल कालेज व सुपर फैसिलिटी अस्पताल के आडिटोरियम हाल में नर्सिंग दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि फ्लोरेंस नाइटिंगेल ने जिस नोबल नर्सिंग सेवा की शुरुआत की ,आज वह चिकित्सा व्यवस्था की रीढ़ है। कोरोना महामारी के दौरान मेडिकल कालेज के स्टाफ नर्सों के योगदान की सराहना करते हुए नर्सिंग डे पर उन्हें शुभकामनाएं दी। मीडिया प्रभारी डाक्टर पंकज चौधरी ने कहा कि पहले नर्सिंग सेवा को समाज में वह सम्मान नहीं मिलता था, जिसकी वह हकदार थी, लेकिन आज नर्सिंग सेवा की महत्ता को समाज ने बखूबी पहचान लिया है। नर्सिंग कालेज की प्रधानाचार्य एन रीना ने डाक्टर बीके राव को मोमेंटो देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों ने मां सरस्वती, मदर टेरेसा तथा फ्लोरेंस नाइटिंगेल के चित्र पर दीप प्रज्ज्वलन तथा माल्यार्पण से किया। इसके बाद प्रधानाचार्य ने केक काटा। इस दौरान नर्सिंग की छात्राओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश किया। आयोजक मैट्रन अनीता मैरल, कुमुद सिंह, हुमा सिंह तथा रत्ना गुप्ता ने उपस्थित जनों का आभार व्यक्त किया। संचालन उत्कर्ष तथा रक्षा ने संयुक्त रूप से किया। कार्यक्रम में उप प्रधानाचार्य हेप्सी नत्था के साथ नर्सिंग फैकल्टी के अन्य लोग उपस्थित रहे।
रिपोर्ट-सुबास लाल