पटवध आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। उत्तर प्रदेश विधान परिषद के बजट सत्र में बिजली संकट, स्मार्ट मीटर की शिकायतें, किसानों की समस्याएं और बुनकरों की बदहाली का मुद्दा जोरदार तरीके से उठा। समाजवादी पार्टी के एमएलसी शाह आलम उर्फ गुड्डू जमाली ने ऊर्जा विभाग की कार्य प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए सरकार को कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने विभाग में व्याप्त अव्यवस्था और भ्रष्टाचार पर चिंता जताते हुए इसे जनहित से जुड़ा अत्यंत महत्वपूर्ण विषय बताया।
उन्होंने ने कहा कि बिजली प्रदेश की “लाइफलाइन” है, लेकिन वर्तमान में विभाग की स्थिति बेहद खराब है। अघोषित बिजली कटौती, लो-वोल्टेज और ओवरलोडिंग से आम जनता परेशान है। किसानों को सिंचाई के समय बिजली नहीं मिलती और रात में आपूर्ति होने से दुर्घटना का खतरा बना रहता है। मजबूरी में किसानों को महंगे डीजल से सिंचाई करनी पड़ रही है।
उन्होंने स्मार्ट मीटर व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए हाई-लेवल टेक्निकल ऑडिट कराने की मांग की। प्रदेश में लगभग 10 हजार शिकायतें लंबित हैं और आधे से अधिक उपभोक्ता बिलिंग व्यवस्था से असंतुष्ट हैं। उन्होंने बुनकर समाज की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव द्वारा वर्ष 2006 में बुनकरों को 74 रुपये फ्लैट रेट की सुविधा दी गई थी, जो मार्च 2023 तक जारी रही। लेकिन वर्तमान सरकार द्वारा इसे बढ़ाकर 430 रुपये कर देने से गरीब बुनकरों पर भारी आर्थिक बोझ पड़ गया है। सरकार तत्काल समाधान सुनिश्चित करे।
रिपोर्ट-बबलू राय