अहरौला आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। क्षेत्र में शुक्रवार को ग्राम मुबारकपुर, न्याय पंचायत हांसा मतलूपुर, ब्लॉक अहरौला में राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत गन्ना किसान गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस अवसर पर किसानों को वसंतकालीन गन्ना खेती एवं सहफसली खेती के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई।
गोष्ठी में बताया गया कि गन्ना के साथ मूंग, प्याज, उड़द, ककड़ी एवं खीरा जैसी फसलों की सहफसली खेती कर किसान अपनी आय में वृद्धि कर सकते हैं। इस दौरान गन्ना बीज बदलाव (सीड रिप्लेसमेंट) पर विस्तार से चर्चा की गयी। किसानों को केवल स्वीकृत गन्ना प्रजातियों की बुवाई करने तथा अस्वीकृत प्रजातियों से बचने की सलाह दी गई। विशेषज्ञों ने गन्ना की उन्नत प्रजातियों जैसे काल्क 14201, ब्वस 16202, कास 13225, कास 0118, कास18231 के बारे में जानकारी दी। वहीं सामान्य प्रजातियों में कास 9232, कास 8279, ब्वैम 11453 एवं कास 8452 की बुवाई करने की सलाह दी गई। कार्यक्रम में किसानों को डीप (टपक) सिंचाई प्रणाली, पेड़ी (रैटून) प्रबंधन तथा मल्चिंग तकनीक के बारे में भी जानकारी दी गई, जिससे लागत कम करने एवं उत्पादन बढ़ाने में मदद मिलती है।
गन्ना विभाग के हरिश्चंद्र यादव, लालमणि सोनकर एवं शशि भूषण सिंह (गन्ना पर्यवेक्षक) उपस्थित रहे। उन्होंने किसानों को गन्ना उत्पादन, पेड़ी प्रबंधन एवं सहफसली खेती के आधुनिक तरीकों की जानकारी दी।
इस मौके पर हरिनाथ यादव, राम रतन, चन्द्रदेव, सुरेश, भूतनाथ, आजाद यादव, सूर्यलाल, विकास, मंगेश, श्रवण, दिनेश शर्मा, हरिकेश एवं शत्रुघ्न यादव आदि उपस्थित रहे।
रिपोर्ट-संतोष चौबे