फूलपुर आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। स्थानीय तहसील व थाना क्षेत्र में प्रसासनिक अधिकारियों की उदासीनता के कारण अवैध रूप से मिट्टी खनन माफिया सक्रिय हैं।
अधिकतर तहसील क्षेत्र के नदी किनारे नालों के बगल जेसीवी मशीनों से अवैध मिट्टी का कार्य किया जा रहा है। बिलारमऊ, भेड़िया, अंजान शहीद, बुढ़ापुर, शतुवहिया, लोनियाडीह, सकतपुर, खांवपुर, मानपुर सहित तमसा मंजूषा कुंवर नदी, मंगई आदि के किनारे धड़ल्ले से अवैध मिट्टी का खनन कर भारी कीमत में भवन निर्माण कराने वाले, ईंट भट्ठा मालिको को बेची जा रही है। नदी किनारे हल्की बलुई मिट्टी ईंट बनाने के दौरान सांचे में डालकर मिट्टी डालकर पथाई करते हैं। सांचे में हल्की मिट्टी डालने से ईंट साचे में पकड़ती नहीं। यह मिट्टी प्रायः नदी किनारों पर मिलती है। वहीं घरों के निर्माण में नींव भरने के बाद मिट्टी पटना पड़ता है जिसमें मिट्टी का प्रयोग होता है जिसके लिए खनन माफिया एक ट्राली मिट्टी की कीमत कम से कम सात सौ रुपये लेते हैं। डम्फर पैंतीस सौ रुपये प्रति डम्फर लेते हैं। समस्त खनन करने वाले सम्बंधित थाना क्षेत्र में अपनी पकड़ बनाकर अवैध खनन का कारोबार खासकर रात्रि काल में करते हैं।
फूलपुर तहसील क्षेत्र में अवैध खनन का कार्य दिन दहाड़े होता था और ट्राली डम्फर खुलेआम मिट्टी लोड कर थाना व तहसील के सामने से आते जाते थे। परंतु वर्तमान एसडीएम की सख्ती के कारण तहसील क्षेत्र के अगल बगल अवैध खनन माफिया तहसील क्षेत्र छोड़ निजामाबाद तहसील क्षेत्र में अपना नया ठिकाना बनाकर रात में मिट्टी खुदाई करा रहे हैं। अवैध मिट्टी खनन से लाखों रुपया खनन शुल्क की चोरी प्रत्तिदिन हो रही है। तहसील क्षेत्र में दर्जनों जेसीवी मशीन चल रही है। राजस्व बिभाग के साथ पुलिस प्रशासन की सख्ती से अवैध खनन पर अंकुश लगाया जा सकता है अन्यथा अवैध खनन पर अंकुश लगाना सम्भव नहीं होगा।
रिपोर्ट-पप्पू सिंह/मुन्ना पाण्डेय