माहुल आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। नगर पंचायत माहुल में बगैर पंजीकरण के ही कृषि भूमि की प्लाटिंग का कार्य धड़ल्ले से चल रहा है। ज्यादा पैसा कमाने के चक्कर में लोग नाले नालियों से लेकर रास्ते आदि की जमीनों को बेच रहे हैं। सब कुछ जानने के बाद भी विभागीय अधिकारी कर्मचारी मौन साधे हुए है।
नगर पंचायत माहुल के आधा दर्जन वार्डाे में नियमों को दरकिनार कर प्लाटर कृषि भूमि को खरीद कर राजस्व अभिलेखों में बगैर आवासीय कराए ही जमीनों की बिक्री कर रहे हैं। जमीन की खरीद और बिक्री करने वाले का न तो नगर पंचायत में पंजीकरण ही है और न ही इनके द्वारा जमीनों के मानचित्र को स्वीकृत ही कराया जा रहा है। ये व्यापारी प्लाटिंग के नियमों को ताक पर रख कर आवास के लिए जमीन खरीद करने वाले लोगों को न तो मानक के अनुरूप रास्ता ही दे रहे और न ही जलनिकास के लिए नाली का ही निर्माण करा रहे हैं। वार्ड नम्बर तीन गांधीनगर में तो प्लाटरों नेे जूनियर हाई स्कूल की जमीन से लेकर नाले नालियों और सरकारी रास्तों तक को बेच दिया है जिसमें लोगों के आवास भी बन रहे हैं।
भाजपा लालगंज के जिला मंत्री दिलीप सिंह ने इस संदर्भ में एक वर्ष पूर्व मुख्यमंत्री से लेकर जिले के आला अधिकारियों को पत्र देकर माहुल में सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जे की शिकायत भी किया था। पर प्लाटरों के आगे राजस्व विभाग नतमस्तक दिखाई दिया। कुछ लोगों को राजस्व विभाग ने अवैध कब्जा हटाने की नोटिस भी दिया पर छह माह से अधिक का समय बीत गया प्रशासन अवैध कब्जा नहीं हटवा पाया। नगर पंचायत के गठन के बाद 2017 से जिस तरह से यहां का तेजी से शहरीकरण हो रहा और जमीन की खरीद और बिक्री का कार्य प्लाटर कर रहे प्रशासनिक अधिकारी इन पर अगर अंकुश नही लगा पाए तो आने वाले दिनों में नगर में जलनिकासी से लेकर रास्तों आदि का गंभीर संकट उत्पन्न हो जाएगा।
इस संबंध में अधिशासी अधिकारी माहुल अवधेश मिश्र का कहना है नगर में जमीन की अवैध खरीद और बिक्री करने वालो को चिन्हित किया जा चुका है। नोटिस दी जा रही है किसी को भी बगैर अनुमति के इस तरह का कृत्य करने नहीं दिया जाएगा।
रिपोर्ट-श्यामसिंह