दुनियां करे तो करे, हम नहीं करेंगे यातायात नियमों का पालन

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फूलपुर आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। जिन कर्मचारियों और अधिकारियों के ऊपर नियमों के पालन कराने की जिम्मेदारी है, वह खुद ही नियमों का पालन करने को तैयार नहीं हैं। यह कस्बा से लेकर क्षेत्र की बाजारों की सड़कों पर साफ दिखाई देता है। पुलिस के लोग ही यातायात के नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं।
सरकार द्वारा समय-समय पर यातायात नियमों, सड़क सुरक्षा के साथ ही अतिक्रमण मुक्त के लिए अभियान चलाती है। नियमों का पालन न करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाती है। इसके लिए पुलिस और प्रशासन को जिम्मेदारी दी गयी है। क्षेत्र की जनता को नो पार्किंग, हेलमेट, सीट बेल्ट के साथ वाहन चलाते समय मोबाइल का प्रयोग न करने, शराब का सेवन कर वाहन न चलाने के प्रति जागरूक किया जाता है। सरकार नियमों का पालन कराने के लिए लाखों रुपये खर्च कर रही है। सख्त अनुपालन के लिए थाना पुलिस टैªफिक पुलिस जगह-जगह चेकिंग अभियान चलाकर यातायात नियमो का पालन न करने वालो के खिलाफ दण्ड स्वरूप चालान करती है। लेकिन जिनके कंधों पर यह जिम्मेदारी दी गयी है वही लोग इसका पालन करते नजर नहीं आ रहे हैं। तहसील मुख्यालय से लेकर ग्रामीण क्षेत्र की बाजारों में सड़कों पर पुलिस के लोग सड़क पर ही गाड़िया खड़ी किये रहते हैं। अब इन लोगों पर नो पार्किंग, सीटबेल्ट का चालान कौन करेगा। क्या चालान भरने में लिए क्षेत्र की गरीब जनता ही है। तहसील मुख्यालय के सामने अधिवक्ता का स्टिकर लगा वाहन खड़ा था तो दूसरी तरफ पुलिस का स्टीकर लगी कार सड़क पर खड़ी थी। साहब लोग सड़क पर गाड़ी खड़ी कर क्षेत्राधिकारी कार्यालय में बैठे रहे। जहां यातायात प्रभावित हो रहा था तो पटरियों पर आम आदमी को खड़े होने की जगह नहीं थी।
रिपोर्ट-मुन्ना पाण्डेय

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