निजीकरण का हुआ टेंडर तो करेंगे जेल भरो आंदोलन

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आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति संयोजक प्रभु नारायण पांडे प्रेमी के नेतृत्व में बुधवार को सिधारी हाइडिल स्थित मुख्य अभियंता कार्यालय पर सभी बिजलीकर्मी हड़ताल पर चले गए।
वक्ताओं ने कहा कि ये आंदोलन पावर सेक्टर के निजीकरण के विरोध में इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2025 एवं प्रस्तावित नेशनल इलेक्ट्रिसिटी पॉलिसी 2026 को वापस लेने, उत्तर प्रदेश में चल रही निजीकरण प्रक्रिया को निरस्त करने तथा बिजली कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना बहाल करने की मांगों को लेकर की गई है। संघर्ष समिति ने बताया कि पहली बार बिजली कर्मचारियों के समर्थन में संयुक्त किसान मोर्चा और दस केंद्रीय ट्रेड यूनियनों ने भी आंदोलन में सक्रिय भागीदारी की। बिजली कर्मचारियों, इंजीनियरों, मजदूर संगठनों और किसानों की संयुक्त एकजुटता के कारण यह आंदोलन स्वतंत्र भारत के महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक आंदोलनों में शामिल हो गया है। यह बिल अगर पास करने का प्रयास भी किया गए तो बिना किसी नोटिस के हम लाइटिंग हड़ताल पर चले जाएंगे।
रिपोर्ट-प्रमोद यादव/ज्ञानेन्द्र कुमार

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