गोवा में आयोजित अखिल भारतीय हिन्दू राष्ट्र अधिवेशन में बैठेगी ‘हिन्दू राष्ट्र संसद’

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पराड़कर भवन में आयोजित पत्रकारवार्ता में हिन्दू युवा वाहिनी, सनातन संस्था, हिन्दू जनजागृति समिति ने दी जानकारी
वाराणसी (सृष्टि मीडिया)।
गोवा में गत नौ वर्षों से होनेवाले ‘अखिल भारतीय हिन्दू राष्ट्र अधिवेशन’ के कारण देश में हिन्दू राष्ट्र की चर्चा प्रारंभ हुई। उसके पश्चात हिन्दू राष्ट्र का ध्येय सामने रखकर विविध क्षेत्रों में कार्य करना प्रारंभ हुआ। इस 10वें अधिवेशन में हिन्दू राष्ट्र की कार्यपद्धति अंकित करने का प्रयत्न किया जाएगा। हिन्दू राष्ट्र में आदर्श राजव्यवहार कैसा होना चाहिए, इस सम्बंध में इस वर्ष के अधिवेशन में ‘हिन्दू राष्ट्र संसद’ का विशिष्ट आयोजन किया गया है। अधिवेशन के तीन दिन ’हिन्दू राष्ट्र संसद’ का आयोजन होगा। उक्त जानकारी मैदागिन स्थित पराड़कर भवन में आयोजित पत्रकार वार्ता में श्री काशी विश्वनाथजी की मुक्ति के लिए सक्रीय हिन्दू पक्ष के अधिवक्ता मदन मोहन यादव, हिन्दू युवा वाहिनी के प्रदेश उपाध्यक्ष मनीष पांडेय, सनातन संस्था के गुरुराज प्रभु एवं हिन्दू जनजागृति समिति के उत्तर प्रदेश और बिहार राज्य समन्वयक विश्वनाथ कुलकर्णी ने दी।
सैकड़ों हिन्दू प्रतिनिधि लेंगे हिस्सा
पत्रकारवार्ता को सम्बोधित करते हुए वक्ताओं ने संयुक्त रूप से बताया कि आयोजन में ‘हिन्दू राष्ट्र स्थापना के लिए संसदीय और संवैधानिक मार्ग’, ‘मंदिरों का उचित प्रबंधन’ और ‘हिन्दू शैक्षणिक नीतियों का अवलंबन कैसा करना चाहिए’ इन विषयों पर विशेषज्ञ मान्यवरों द्वारा विस्तृत चर्चा होगी। हिन्दू राष्ट्र स्थापना के कार्य को गति देने के लिए इस वर्ष 12 से 18 जून 2022 की अवधि में ‘श्री रामनाथ देवस्थान’, फोंडा, गोवा में दशम ‘अखिल भारतीय हिन्दू राष्ट्र अधिवेशन’ आयोजित किया गया है और इसमें उत्तर प्रदेश से 36 हिन्दू संगठनों के 100 से अधिक प्रतिनिधि आमंत्रित किए गए हैं।
महमूद मदनी को दी चेतावनी
इसी कड़ी में निलेशजी ने आगे कहा कि हाल ही ‘जमीयत उलेमा-ए-हिन्द’ के प्रमुख मौलाना महमूद मदनी ने खुली धमकी दी है कि समान नागरिक संहिता कानून के आधार पर शरीयत में हस्तक्षेप नहीं चलेगा। हिन्दुओं को मुसलमान नहीं पसंद हों, तो हिन्दू भारत छोडकर चले जाएं। मुसलमानों ने धमकाकर कश्मीर से हिन्दुओं को बाहर निकाला, अब शेष भारत से बाहर निकालने की उनकी यह धमकी है। भारत के मुसलमानों को अल्पसंख्यकों की विशेष सुविधाएं दी जाने पर भी बहुसंख्यक हिन्दुओं ने उनके साथ बंधुत्त्व बनाए रखा है, यह उन्हें ध्यान में रखना चाहिए। आज का भारत गांधीगिरी करनेवाला नहीं, अपितु छत्रपति शिवाजी महाराज को आदर्श मानकर स्वराज्य की रक्षा करनेवाला है।
हिन्दुओं से सम्बंधित विभिन्न मसलों पर होगी चर्चा
हिन्दू जनजागृति समिति के उत्तर प्रदेश एवं बिहार राज्य समन्वयक विश्वनाथ कुलकर्णी के बताया कि कोरोना के कारण गत दो वर्ष यह अधिवेशन प्रत्यक्ष नहीं हो पाया। वर्ष 2020 में ‘आॅनलाइन’ अधिवेशन लिया गया। इस वर्ष प्रत्यक्ष अधिवेशन हो रहा है। इसलिए देशभर के हिन्दुत्वनिष्ठों में प्रचंड उत्साह है। इस अधिवेशन में अमेरिका, इंग्लैंड, हांगकांग, सिंगापुर, फिजी, नेपाल आदि देशों सहित भारत के 26 राज्यों के 350 से अधिक हिन्दू संगठनों के 1000 से अधिक प्रतिनिधियों को निमंत्रित किया गया है। इस अधिवेशन में प्रमुखता से काशी की ज्ञानवापी मस्जिद, मथुरा मुक्ति आंदोलन, प्लेसेस आॅफ वर्शिप एक्ट, कश्मीरी हिन्दुओं का नरसंहार, मस्जिदों पर लगे भोंपुओ का ध्वनि प्रदूषण, हिजाब आंदोलन, हलाल सर्टिफिकेट एक आर्थिक जिहाद, हिन्दुओं की सुरक्षा, मंदिर-संस्कृति-इतिहास की रक्षा, धर्मांतरण आदि विविध विषयों पर चर्चा की जानेवाली है।
हिन्दुओं को एकजुट करने का आह्वान
सनातन संस्था के गुरुराज प्रभु ने कहा कि केंद्र में तथा अनेक राज्यों में हिन्दुत्वनिष्ठ दल की सरकार आने के कारण राममंदिर निर्माण, लव जिहाद और धर्मांतरण के विरोध में कानून लागू होना और अनुच्छेद 370 हटाना आदि सकारात्मक कार्य हुआ है, तथापि काशी-मथुरा सहित हिन्दुओं के अनेक धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों की मुक्ति होना शेष है। ओवैसी कह रहे हैं कि बाबरी ले ली, परंतु ज्ञानवापी मस्जिद नहीं लेने देंगे। देशभर में हिन्दुओ की शोभायात्राओं तथा धार्मिक उत्सवों पर भीषण आक्रमण हो रहे हैं। मिशनरियों द्वारा बलपूर्वक होनेवाले धर्मांतरण के कारण लावण्या जैसी हिन्दू लड़की को आत्महत्या करनी पड़ी। कश्मीरी हिन्दुओ के वंशविच्छेद को 32 वर्ष होकर भी कश्मीरी हिन्दुओं की हत्या आज भी नहीं रुकी हैं। आज भी कश्मीर से हिन्दुओं का पलायन हो रहा है। हिन्दुओं के व्यापक संगठन के लिए यह अधिवेशन दिशादर्शक सिद्ध होगा।
हिन्दुओं के धार्मिक स्थलों को लेंगे वापस
श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर मुक्ति के लिए लड़ रहे अधिवक्ता मदन मोहन यादव ने कहा कि भगवान विश्वनाथजी के असीम कृपा से ही ज्ञानवापी में हिंदुओं के लिए समाधानकारक तथ्य सामने आ रहे हैं। केवल काशी, मथुरा, कुतुबमिनार, ताजमहल ही नही अपितु हिंदुओं के जिन हजारों धार्मिक तथा ऐतिहासिक स्थलों को अवैध पद्धति से हथियाया गया, उन सभी को पुन: प्राप्त किए बिना हम स्वस्थ नही बैठेंगे। इस दृष्टि से हिंदू राष्ट्र अधिवेशन में विचार-विमर्श करेंगे। हिन्दू युवा वाहिनी के प्रदेश उपाध्यक्ष मनीष पांडेय ने बताया कि सभी हिन्दू संगठनों को संगठित करना यही अखिल भारतीय हिन्दू राष्ट्र अधिवेशन का मुख्य उद्देश्य है। समान सूत्रीय कार्यक्रम के अंतर्गत सभी संगठन एकत्रित आकर हिन्दू राष्ट्र जागृति आंदोलन के माध्यम से हिन्दूओं पर होनेवाले आक्रमणों के विरोध करने के संदर्भ रणनीति बनाएंगे।
इनकी रहेगी उपस्थिति
सीबीआई के भूतपूर्व संचालक नागेश्वर राव, ज्ञानवापी मस्जिद के विरुद्ध न्यायालयीन संघर्ष करनेवाले अधिवक्ता हरिशंकर जैन, हिन्दू फ्रंट फॉर जस्टिस के राष्ट्रीय प्रवक्ता विष्णु शंकर जैन, उत्तर प्रदेश से हिन्दू पर्सनल लॉ बोर्ड के अध्यक्ष अधिवक्ता अशोक पांडे, इंडिया विथ विजडम के अध्यक्ष अधिवक्ता कमलेशचंद्र त्रिपाठी, सनातन एकता मिशन के अध्यक्ष अशोक पाठक, भाजपा के तेलंगाना के प्रख्यात विधायक टी. राजासिंह, पनून काश्मीर के राहुल कौल, अरुणाचल प्रदेश के बांस संसाधन और विकास एजेंसी के उपाध्यक्ष कुरु थाई, भारत सेवाश्रम संघ के स्वामी सयुंक्तानंदजी महाराज, इंटरनेशनल वेदांत सोसायटी के स्वामी निगुर्णानंदगिरीजी महाराज आदि।
रिपोर्ट : अमन विश्वकर्मा

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