दायित्वों का निर्वहन ही सबसे बड़ा धर्म: कौशल किशोर

शेयर करे

माहुल आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। नगर पंचायत माहुल के सिद्धपीठ काली चौरा मंदिर पर चल रही सप्तदिवसीय श्रीशक्ति मानस महायज्ञ में रविवार को कथावाचक पंडित कौशल किशोर महाराज ने समस्त जीवो में मानव को सर्वश्रेष्ठ बताते हुए सत्कर्म और दायित्वों के निर्वहन की और सनातन के गूढ़ रहस्य को विस्तार से बताया जिसे पांडाल में उपस्थित श्रद्धालु मंत्रमुग्ध हो कर सुनते रहे।
कथा वाचक पंडित कौशल किशोर जी महाराज ने कहा कि सम्पूर्ण चराचर ब्रह्मांड में 84 लाख योनियों में मानव को सर्वश्रेष्ठ इसलिए माना गया है कि, मात्र मानव में ही सही और गलत समझने की क्षमता है। बड़े भाग मानुस तन पावा, सुर दुर्लभ सद ग्रन्थनी गांवा, की व्याख्या कहते हुए कहा कि मनुष्य को यह जीवन पूर्व जन्म के सत्कर्मों के कारण बड़े भाग्य से मिला है। इस जीवन में सभी को कोई न कोई दायित्व मिला है जिसका निष्ठा पूर्वक पालन करना ही धर्म है। यही सत्कर्म है। कथा में पंडित कौशल किशोर जी ने मनु और सतरूपा के जन्म और नारद जी के मोह आदि प्रसंगों का मनमोहक ढंग से वर्णन किया।
इस अवसर पर यज्ञ संरक्षक अरुण पाण्डेय, विक्रांत पाण्डेय, कृष्ण चंद पाण्डेय, राजेश पाण्डेय, संजय मोदनवाल, दिलीप गुप्ता, शंकर गुप्ता, विमलेश पाण्डेय, अजय श्रीवास्तव, दिलीप सिंह बघेल आदि मौजूद रहे।
रिपोर्ट-श्यामसिंह

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *