आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। अपर जिलाधिकारी प्रशासन/उप जिला निर्वाचन अधिकारी राहुल विश्वकर्मा ने सर्वसाधारण को सूचित किया है कि भारत निर्वाचन आयोग की निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार जनपद की समस्त 10 विधान सभा निर्वाचन क्षेत्रों में निर्वाचक नामावलियों के प्रगाढ़ पुनरीक्षण का कार्य कराया जा रहा है। जिसके अन्तर्गत बूथ लेवल अधिकारी द्वारा विधान सभा निर्वाचक नामावली 2025 में पंजीकृत सभी मतदाताओं को 02-02 प्रतियों में गणना प्रपत्र घर-घर जाकर उपलब्ध कराया गया है। गणना प्रपत्र में मतदाता का विवरण एवं विधान सभा निर्वाचक नामावली 2003 में सम्मिलित उक्त मतदाता का विवरण भरा जाना है।
गणना प्रपत्र में दो भाग है, ऊपर के भाग में मतदाता को अपना वर्तमान का मांगा गया विवरण भरा जाना है। नीचे का भाग भी दो भाग में है, जिसमें बायीं तरफ के भाग में यदि मतदाता का नाम वर्ष 2003 की निर्वाचक नामावली में सम्मिलित है तो वह अपना 2003 की निर्वाचन नागावली का विवरण भरेगा। यदि मतदाता का नाम वर्ष 2003 की निर्वाचक नामावली में नहीं है तो दायीं तरफ वाले भाग में अपने सम्बन्धी यथा माता/पिता, दादा दादी, जिनका नाम 2003 की निर्वाचक नामावली में सम्मिलित है, उनका विवरण भरा जायेगा। ऐसी महिलाएं जिनका नाम 2003 की निर्वाचक नामावली में सम्मिलित नहीं है, वे गणना प्रपत्र के दायीं तरफ वाले भाग में अपने माता पिता या दादा-दादी जिनका नाम 2003 की निर्वाचक नामावली में सम्मिलित है, उनका विवरण भरेंगी।
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एक से अधिक विधान सभा में नाम दर्ज कराने पर दण्ड का प्राविधान
आजमगढ़। अपर जिलाधिकारी प्रशासन/उप जिला निर्वाचन अधिकारी ने उक्त के सन्दर्भ में अवगत कराया है कि यदि किसी मतदाता का नाम देश में एक से अधिक विधान सभा निर्वाचन क्षेत्रों की निर्वाचक नामावली में अंकित है तथा आयोग के निर्देशानुसार बी०एल०ओ० द्वारा नागावली में पंजीकृत सभी स्थानों पर गणना प्रपत्र उपलब्ध कराये गये है, तो ऐसे मतदाता अपने सुविधानुसार किसी एक विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र की निर्वाचक नामावली में अपना नाम अंकित कराने हेतु गणना प्रपत्र भरेगें। लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 की धारा-17 एवं 18 के अनुसार कोई भी व्यक्ति एक ही विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र की निर्वाचक नामावली में एक ही बार अपना नाम पंजीकृत करा सकता है। यदि कोई व्यक्ति गलत सूचना के आधार पर एक से अधिक विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र की निर्वाचक नामावली में अपना नाम पंजीकृत करा लेता है तो यह अपराध माना जायेगा। जिसके लिए लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 की धारा-31 के अन्तर्गत दण्ड का प्राविधान है।
रिपोर्ट-सुबास लाल