मार्टिनगंज आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। अधिक उत्पादन की लालच में असंतुलित उर्वरक का प्रयोग खेत की जमीन को बीमार बना रहा है। खेत में आवश्यक जीवाश्म कार्बन नाइट्रोजन और सल्फर जैसे पोषक तत्वों की भारी कमी हो गई है।
क्षेत्र के किसान हर सीजन में खेती करते हैं लेकिन आज असंतुलित उर्वरक का प्रयोग अधिक फसल की लालच खेत को बर्बाद कर रही है। मिट्टी के जीवाश्म नाइट्रोजन और सल्फर जैसे पोषक तत्वों की भारी कमी पाई गई है। यदि संतुलित मात्रा में उर्वरक का उपयोग किया जाता तो यह स्थिति नहीं आती।
सहायक विकास अधिकारी कृषि मार्टिनगंज राघवेंद्र राय ने बताया कि खेतों में फसल अवशेष प्रबंधन फसल चक्र हरी खाद वर्मी खाद का समावेश बायोफर्टिलाइजर का प्रयोग कर मिट्टी में पोषक तत्वों की कमी को दूर किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि फसल चक्र अपनाकर हरी खाद का प्रयोग करके पशुओं से तैयार गोबर की खाद का प्रयोग करके और असंतुलित उर्वरक के प्रयोग को न करने की सलाह दी है। उन्होंने किसानों से कहा अच्छी फसल उत्पादन के लिए संतुलित उर्वरक का उपयोग करें तथा फसल चक्र का अवश्य प्रयोग करें जिससे खेत की मिट्टी बीमार नहीं होगी और सुरक्षित रहेगी।
रिपोर्ट-अद्याप्रसाद तिवारी