फूलपुर आज़मगढ़ (सृष्टिमीडिया)। स्थानीय तहसील क्षेत्र में गन्ने के बाद किसान लाल भरूवा मिर्चा की खेती बड़े पैमाने पर करने लगा और लाल भरूवा मिर्चा लाल सोना के नाम से विख्यात हुआ। परंतु मिर्चा की खेती को बढ़ावा देने या प्रोत्साहित करने का कोई उपाय सरकारी विभाग जनप्रतिनिधियों सहित सरकार द्वारा नहीं किया गया। वर्तमान में लाल मिर्चा की खेती सूख रही है जिससे किसान चिंतित हैं।
स्थानीय मंडी द्वारा मांग किसानों की नहीं मानी गयी जिसके कारण बिचौलियों की ही चांदी रही। वैसे किसान को उपज का तत्काल भुगतान हो जाने से किसान लाभावनवित हो जाता था। बुवाई जुताई सहित बच्चों की फीस निमंत्रण आदि आसानी से कर लेता था। परंतु अब लाल भरूवा मिर्चा की खेती की तरफ से किसान मुंह मोड़ता जा रहा है। मिर्चा की खेती करने वाले अमित सिंह, विनोद यादव, कुन्दन यादव, रामलाल, नसीम अहमद, रामराज, अनारसी यादव आदि ने बताया कि वर्तमान में मिर्चा के पौधों में कुंजा रोग पकड़ रहा है। हजारांे रुपये की दवा छिड़काव करा दिया पर लाभ नहीं हो रहा है। मिर्चा की पत्ती सिकुड़ रही है और पेड़ सूख रहे हैं परंतु कृषि विभाग का कोई वैज्ञानिक या कर्मचारी पौधों पर लग रहे रोगों की रोकथाम की कोई ब्यवस्था नहीं कर रहा है। इस सम्बंध में सरकारी कृषि बीज भण्डार प्रभारी मोतीलाल ने बताया कि टोल फ्री नम्बर उपलब्ध है किसान टोल फ्री नम्बर पर बात कर तत्काल लांभ उठाएं।
रिपोर्ट-मुन्ना पाण्डेय