लालगंज आजमगढ (सृष्टिमीडिया)। विकास खंड लालगंज के मई गांव स्थित आत्म अनुसंधान आश्रम परिसर के सभागार में राष्ट्र के प्रति हमारा कर्तव्य विषय पर आयोजित गोष्ठी में शिष्यों व श्रद्धालुओं को परमपूज्य बाबा विशाल भारत ने आर्शीवचन देते हुए कहा कि जब तक हर व्यक्ति में राष्ट्र की भावना नहीं पैदा होगी, देश के नागरिको मंे राष्ट्र प्रेम नहीं होगी।
उन्होंने कहा कि वह देश कैसे उन्नति करेगा और भारत देश कैसे विश्व गुरु बनेगा। राष्ट्र के प्रति आपकी संस्कृति है। चार-पांच वर्ष के बच्चों को देश के बारे में बताएं। देश से प्रेम करना है इस भावना को जगाना होगा। यदि लड़का बड़ा हो गया है तो उसे समझाइए। छोटी-छोटी गलतियां भी राष्ट्र से विश्वासघात है। बिजली चोरी, कर चोरी, रोड जाम करना, सरकारी बसों की तोड़फोड़ करना, ट्रेन में तोड़फोड़ करना आग लगा देना, देश का किसान, नेता, साधु रोड जाम करते हैं। लेकिन यह संकल्प लें कि राष्ट्र का नुकसान नहीं करेंगे। माता-पिता की जिम्मेदारी है शुरू से ही बच्चों में देश प्रेम का भाव उत्पन्न करें। मुझे विरासत में कुछ नहीं मिला यह राष्ट्र ने सब कुछ प्रदान किया। राष्ट्र न होता तो मुझे यह अवसर न प्राप्त होता। उन्होंने कहा कि अगर प्रधानमंत्री कोई भी आवाहन करता है राष्ट्र का नागरिक होने के नाते मैं उसके साथ खड़ा हूं। भारत माता की जय से जय नहीं हो जाएगी। जय से उत्साह व प्रेरणा मिलेगी, भारत का वीर सपूत बनना होगा। आर्शीवचन कार्यक्रम देर रात्रि तक चला। कार्यक्रम को नरेंद्र सिंह पूर्वाचल विकास बोर्ड उपाध्यक्ष, अनिल भूषण, रामाधीन सिंह, देवेंद्र सिंह, रमाकांत सिंह, कैलाश नाथ तिवारी, एलबी सिंह, ऋषिकांत राय, तहसीलदार सिंह आदि ने संबोधित किया। इस अवसर पर संतोष कुमार पाठक, तरुण कुमार सिंह उर्फ गुड्डू, शमशेर सिंह, दिवाकर राय, दिनेश तिवारी, सर्वेश राय, बलबन्त सिंह, ध्रुव सिंह, विजयधर राय, श्याम सुन्दर राय आदि उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन प्रधानाचार्य रामनयन सिंह ने किया।
रिपोर्ट-मकसूद आजमी