आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। चार दिनों तक उफान मारने के बाद बुधवार से सरयू नदी की लहरें शांत होने लगी हैं। बुधवार को एक, जबकि गुरुवार को डेढ़ सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से जलस्तर में कमी दर्ज की गई। 24 घंटे में 37 सेंटीमीटर की कमी के बाद भी जलस्तर खतरा निशान से 75 सेंटीमीटर ऊपर दर्ज किया गया। हालांकि अभी भी क्षेत्र के 25 गांव की लगभग 19000 की आबादी बाढ़ से प्रभावित है और आवागमन के लिए प्रशासन की ओर से नाव का संचालन किया जा रहा है।
सगड़ी तहसील क्षेत्र के उत्तरी क्षेत्र में बहने वाली सरयू नदी के जलस्तर ने मंगलवार को इस साल का सारा रिकार्ड तोड़ दिया था। खंड शिक्षाधिकारी हरैया अशोक कुमार राय ने बताया कि अभी भी क्षेत्र के 20 परिषदीय विद्यालयों में बच्चों के लिए अवकाश रहेगा। हालात को देखते हुए नाव की संख्या 151 से कम नहीं की गई है। नदी के जलस्तर में कई दिनों तक कमी के बाद शनिवार से नौवीं बार शुरू उफान बुधवार से थमना जरूर शुरू हो गया, लेकिन दुश्वारियां कम नहीं हुई हैं।
इस बीच 73वें दिन गुरुवार को भी 2,62,041 क्यूसेक पानी छोड़े जाने से ग्रामीणों की चिंता बरकरार है। अब तक 2,01,25,591 क्यूसेक पानी छोड़ा जा चुका है। बीच में 18वें दिन 25 जुलाई, 55वें दिन एक सितंबर और 66वें दिन 12 सितंबर को पानी नहीं छोड़ा गया था। मुख्य माप स्थल बदरहुआ नाले के पास खतरा निशान 71.68 मीटर है। बुधवार को यहां 72.80 मीटर जलस्तर रिकार्ड किया गया था, जबकि गुरुवार को 37 सेंटीमीटर कमी के बाद 72.43 मीटर रहा। दूसरी ओर सितंबर महीने के अंत तक जलस्तर में उतार-चढ़ाव के कारण प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट मोड में दिख रहा है। राजस्व निरीक्षक अनिल सिंह ने बताया कि अभी नावों की संख्या पहले की तरह से रखी गई है।
रिपोर्ट-प्रमोद यादव