ग्रामीण क्षेत्रों में जूनियर हाई स्कूलों की दुर्दशा: डा.संतोष कुमार सिंह

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आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। वरिष्ठ भाजपा नेता एवं पूर्व सांसद डा. संतोष कुमार सिंह ने प्रदेश में संचालित सहायता प्राप्त जूनियर हाई स्कूलों की दुर्दशा पर चिन्ता व्यक्त किया है। उन्होने कहा कि सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा के प्रचार प्रसार में इन विद्यालयों की महति भूमिका रही है किन्तु पिछली सरकारों की अदूरदर्शी नीतियों एवं ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा के प्रसार के प्रति उदासीनता के चलते प्रदेश के सहायता प्राप्त जूनियर हाई स्कूल दम तोड़ रहे है एवं अपने अस्तित्व के लिये जूझ रहे है।
पूर्व सांसद श्री सिंह ने कहा कि वर्तमान में इन विद्यालयांे में मात्र चार अध्यापकों की नियुक्ति का. प्राविधान कर दिया गया है चाहे छात्र संख्या जितनी भी हो। इन विद्यालयों में लिपिक, चपरासी, चौकीदार की नियुक्ति का प्राविधान समाप्त कर दिया गया है। उन्होने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप विद्यालयों की प्रगति रिपोर्ट छात्रों के सर्वागिण विकास से संबंधित योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, विद्यालय की साफ सफाई एवं अन्य कार्यों हेतु इन तीनों पदों पर नियुक्ति अत्यन्त आवश्यक है। मात्र चार अध्यापकों के भरोसे सहायता प्राप्त जूनियर हाई स्कूलों का संचालन व पठन-पाठन पूरी तरह से अस्त व्यस्त हो गया है। साथ ही प्रबन्ध तंत्र भी विद्यालय संचालित करने में स्वयं को असमर्थ पा रहा है।
उन्होंने मुख्य मंत्री योगी आदित्य नाथ से मिलकर जनहित के इस मुद्दे पर वार्ता किया तथा प्रदेश के सहायता प्राप्त जूनियर हाई स्कूलांे के प्रभावी संचालन हेतु माध्यमिक विद्यालयों की तरह इन विद्यालयो में भी एक लिपिक, एक चपरासी, तथा चौकीदार के पद पर नियुक्ति का प्राविधान करने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने पूरे प्रकरण पर गम्भीरता से विचार करते हुए ग्रामीण अंचल के बच्चों के सर्वांगीण विकास एवं शिक्षा के लिये स्थापित इन विद्यायालयों की समस्या का निदान करने एवं नियुक्तियों का प्राविधान करने का आश्वासन दिया।
रिपोर्ट-सुबास लाल

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