एसआईआर को लेकर डीएम ने राजनीतिक दल के प्रतिनिधियों के साथ की बैठक

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आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। जिलाधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी रविंद्र कुमार की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में भारत निर्वाचन आयोग द्वारा विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण कार्यक्रम हेतु बढ़ाई गई समय सीमा के दृष्टिगत राजनीतिक दल के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर सुझाव लिए गए।
जिलाधिकारी ने कहा कि बूथवार बूथ लेवल एजेंट नियुक्त कर किसी कारण से यदि किसी मतदाता का नाम एसआईआर के दौरान शिफ्टेड अथवा डुप्लीकेट में मार्क हो गया हो, तो उसको बीएलओ से समन्वय स्थापित कर 11 दिसंबर तक सही करा सकते हैं। बीएलओ के सहयोग के लिए एईआरओ एवं सुपरवाइजर लगाए गए हैं।
जिलाधिकारी ने अवगत कराया कि एसआईआर का कार्य निर्धारित समय सीमा के अंदर पूर्ण करने हेतु मेरे द्वारा स्वयं लालगंज, अतरौलिया, सदर आदि विधान सभाओं के सबसे कम प्रगति वाले बूथों का निरीक्षण किया गया था। जहां पर लापरवाही/शिथिलता पाई गई, वहां संबंधित के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की गई। उन्होंने बताया कि मुख्य विकास अधिकारी, जिला विकास अधिकारी, निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी को नोडल अधिकारी के रूप में तैनात किया गया था, जिनके सतत निगरानी एवं पर्यवेक्षण के कारण एसआईआर का कार्य भारत निर्वाचन आयोग द्वारा बढ़ाई गई समय सीमा के 5 दिन पहले ही पूर्ण कर लिया गया।
जिलाधिकारी ने बताया कि फार्माे के डिजिटाइजेशन कार्य मे जहां पर नेटवर्क आदि की समस्या आ रही थी वहां के नजदीकी ब्लॉकों तहसीलों में वाई-फाई की सुविधा उपलब्ध कराई गई थी, जिससे कि एसआईआर का कार्य शत प्रतिशत पूर्ण किया जा सके। यदि किसी का नाम गलत भर गया हो या शिफ्टेड हो गया हो या किसी अन्य प्रकार की कोई आपत्ति हो, तो उसकी सूची उपलब्ध करा दे, ताकि बीएलओ के माध्यम से उसको ठीक कराया जा सके।
उन्होंने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के नई गाइडलाइन के अनुसार जिनका नाम मृतक की श्रेणी में, शिफ्टेड अथवा डुप्लीकेट की श्रेणी, अथवा अन्य किसी श्रेणी में है, उसका बीएलओ द्वारा तीन-तीन बार जाकर सत्यापन किया जायेगा।
बैठक में उप जिला निर्वाचन अधिकारी राहुल विश्वकर्मा, विधान परिषद सदस्य रामसूरत राजभर एवं अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
रिपोर्ट-सुबास लाल

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