आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। प्रदेश सरकार की शीर्ष प्राथमिकता वाली फार्मर रजिस्ट्री योजना का जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार ने गंभीरता से संज्ञान में लिया तथा जनपद के सबसे कम फॉर्मर रजिस्ट्री वाले ब्लॉक जहानागंज के ग्राम मित्तूपुर एवं दौलताबाद का निरीक्षण किया तथा वहां पर उपस्थित किसानों से फार्मर रजिस्ट्री कराने मे होने वाली समस्याओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की।
जिलाधिकारी को अवगत कराया गया कि मित्तूपुर ग्राम में कुल 600 किसानों का फॉर्म रजिस्ट्री बना दी गई है, 271 लोग अभी भी बचे हुए हैं। पंचायत सहायक द्वारा बताया गया कि आधार और खतौनी में दर्ज नाम में भिन्नता एवं फिंगर प्रिंट नहीं लगने के कारण फार्मर रजिस्ट्री नहीं बना है। जिस पर जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि अवशेष किसानों को बताया जाए कि फॉर्मर रजिस्ट्री बनाने में कौन-कौन से डॉक्यूमेंट लगेंगे। ग्रामीणों द्वारा जिलाधिकारी महोदय को अवगत कराया गया कि जानकारी न होने के कारण फार्मर रजिस्ट्री नहीं बनवाया गया।
जिलाधिकारी द्वारा सूची में दर्ज फूलचंद पुत्र फेकू, गोविंद प्रसाद, अजय कुमार पुत्र रामसूरत चौहान को एडीओ कृषि से फोन कर सत्यापित भी कराया गया, जिसमें कुछ लोग जनपद के बाहर थे, कुछ लोगों के पास आवश्यक अभिलेख नहीं थे तथा कुछ लोगों ने बताया कि उन्हें जानकारी नहीं दी गई। कुछ किसानों द्वारा जिलाधिकारी को अवगत कराया गया कि सीएससी वाले 100 रू0 लेकर कागज बनाते हैं तथा बार-बार दौड़ाया जाता है। जिस पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए उप निदेशक कृषि को तत्काल सीएससी पर एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने फार्मर रजिस्ट्री के कार्यों में लापरवाही करने तथा किसानों को आवश्यक जानकारी न उपलब्ध कराने पर एक दिन का वेतन काटते हुए कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार करायें तथा ब्लॉक पर कैंप लगाकर ट्रेनिंग दिया जाए एवं ऐप को भी फोन में डाउनलोड कराया जाए।
रिपोर्ट-सुबास लाल