लालगंज आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। स्थानीय विकास खंड के करिया गोपालपुर गांव मंे कृपाशंकर सिंह की देख-रेख में सात दिवसीय महाशिवपुराण कथा का आयोजन किया गया। पांचवे दिन कथा का शुभारंभ आचार्य शशिकांत व्यास जी महाराज ने गांव वासियों के साथ आरती-पूजन किया।
आचार्य शशिकांत व्यास जी महाराज ने श्रद्धालुओं को महाशिवपुराण कथा सुनाते हुए कहा कि भगवान शंकर की कथा जीवन के वैराग्य का दर्शन कराती है। भगवान शंकर के गले में सर्प है, सर्प काल है। भगवान शंकर कहना चाहते है, हे मानव तू यह मत भूल की काल तेरे पास है। काल आपको कब गाल मंे भज ले यह कहा नहीं जा सकता। चिता भस्म लपेटकर भगवान शंकर कहना चाहते हैं कि इस शरीर को कितना भी सजा ले, सवार ले एक दिन शरीर को जलकर चिता भस्म होना है। भगवान शंकर अपनी जटाओं को बांधकर संसार को यह शिक्षा प्रदान किया कि यह जटाएं हमारे मन की विचार हैं, मन के विचार दिन-रात घूमते रहते है, बिखरते रहते हैं। जो इस जटाओं को मन के विचारों को एकत्रित कर लेता है उसे आत्म शान्ति मिलती है। महाशिवपुराण कथा श्रवण करने से विचार बदलते हैं। जीवन प्रकाश मय हो जाता है। इस अवसर पर रविकांत जी महाराज, अभिनंदन पांडे, आशुतोष दुबे, कृपा शंकर सिंह, वंशराज सिंह, सत्यप्रिय सिंह, रामकृष्ण सिंह, मोनू सिंह, विनय सिंह, शैलेश सिंह सहित अन्य ग्रामीण उपस्थित रहे।
रिपोर्ट-मकसूद अहमद