अतरौलिया आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। निर्बल इंडिया शोषित हमारा आमदल (निषाद पार्टी) के युवा मोर्चा के जिलाध्यक्ष अंगद निषाद ने क्षेत्रीय विधायक डॉ. संग्राम यादव को एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मछुआ समुदाय की उपजातियों निषाद, केवट, मल्लाह, बिंद, कहार, कश्यप, रायकवार, धीवर, तूरहा आदि को अनुसूचित जाति सूची में शामिल करने की मांग उठाई।
अंगद निषाद ने बताया कि यह मांग भारत के संविधान के अनुच्छेद 341 के तहत की जा रही है। ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि इन जातियों का उल्लेख 1961 की जनगणना मैन्युअल और राष्ट्रपति अधिसूचना 10 अगस्त 1950 में पहले से ही मझवार और तुरैहा नाम से अनुसूचित जाति वर्ग में किया गया है। बावजूद इसके इन जातियों को आज तक उनका संवैधानिक अधिकार नहीं मिल पाया है।
ज्ञापन के माध्यम से उत्तराखंड सरकार के वर्ष 2013 के शासनादेश की तर्ज पर उत्तर प्रदेश विधानसभा में प्रस्ताव पारित कराने की मांग की गई। साथ ही ओबीसी प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगाकर, इन जातियों को एससी सूची में स्पष्ट रूप से परिभाषित किए जाने की भी मांग की। उन्होंने कहा कि यह केवल सामाजिक न्याय की नहीं, बल्कि ऐतिहासिक त्रुटियों को सुधारने की भी मांग है। यदि सरकार इन जातियों को उनका हक देती है तो समाज के लाखों लोगों को उनका संवैधानिक अधिकार प्राप्त होगा।
रिपोर्ट-आशीष निषाद