आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ मनरेगा के साथ हो रही छेड़छाड़ के विरुद्ध आक्रोश अब सड़कों पर दिखाई दे रहा है। इसी क्रम में शहर कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष एवं छात्र नेता मोहम्मद नजम शमीम के नेतृत्व में छात्रों और युवा नेताओं का एक विशाल जत्था मनरेगा बचाओ यात्रा में सम्मिलित होने के लिए मऊ के लिए रवाना हुआ। मनरेगा मजदूर शकील अहमद ने हरी झंडी दिखाकर जत्थे को रवाना किया।
विभिन्न विश्वविद्यालयों के गांधीवादी छात्रों द्वारा यह यात्रा 17 जनवरी को चौरीचौरा की ऐतिहासिक धरती से शुरू की गई थी, जो प्रदेश के विभिन्न जनपदों से होते हुए अब मऊ की सीमा में प्रवेश कर चुकी है।
इस जत्थे में रियाजुल हसन, अब्दुल्ला शाहजहां, नुरुलहुदा, रामप्यारे यादव, ताहिर खान, मुशीर खान, अबसार अहमद, मोहम्मद बेलाल, सय्यद मोकर्रम, सैय्यद अनस, शिवम यादव इत्यादि शामिल थे।
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सरकार की मंशा पर उठाए सवाल
आजमगढ़। रवानगी के दौरान मोहम्मद नजम शमीम ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि मनरेगा केवल एक योजना नहीं, बल्कि करोड़ों गरीबों के सम्मान से जुड़ा अधिकार है। भाजपा सरकार इसका नाम बदलकर और इसके मूल ढांचे में परिवर्तन कर गरीबों के पेट पर लात मारने का काम कर रही है। कांग्रेस पार्टी इस दमनकारी नीति को सफल नहीं होने देगी।
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सोनिया गांधी जी के जन्मदिन पर सामाजिक सद्भावना का संकल्प
आजमगढ़। इस यात्रा का एक महत्वपूर्ण पड़ाव शनिवार का दिन भी है। नजम शमीम ने बताया कि कल हम सबकी प्रेरणास्रोत, यूपीए चेयरपर्सन और अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की मार्गदर्शक सोनिया गांधी का जन्मदिन है। इस अवसर को छात्र नेता और कांग्रेस कार्यकर्ता सामाजिक सद्भावना दिवस के रूप में मनाएंगे, जिसका उद्देश्य समाज में भाईचारा कायम रखना और मनरेगा जैसी लोक-कल्याणकारी योजनाओं की रक्षा करना है।
रिपोर्ट-प्रमोद यादव/ज्ञानेन्द्र कुमार