गाजीपुर के कुचौरा निवासी शुभेंदु, आशा दूबे और मनीष तिवारी पर विभिन्न धाराओं में मुकदमा
वाराणसी (सृष्टि मीडिया)। खुद को एसडीएम बताने वाले युवक से शादी तय होने के बाद युवती को परिजनों की खुशी का ठिकाना नहीं था। उन्होंने लाखों खर्च कर शादी की भव्य तैयारी की। सगे-सम्बंधियों में निमंत्रण कार्ड बांटे। शादी की तय तिथि पर रिश्तेदार भी आए। मगर, दुल्हन और उसके परिजन इंतजार करते रहे गए लेकिन ना दूल्हा आया ना ही बारात। इसका कारण पता चलते ही युवती के परिजनों ने अपना सिर पीट लिया।
हैरान रह गए रिश्तेदार और परिजन
जानकारी के अनुसार, भेलूपुर थाना क्षेत्र के संकुलधारा में फर्जी एसडीएम बनकर शादी के नाम पर चूना लगाने का मामला सामने आया है। शादी तय होने के बाद गाजीपुर निवासी युवक ने खाते में 4.50 लाख रुपये युवती की मां से जमा करा लिया। तय तिथि पर बारात नहीं आई। इसके बाद युवती की मां ने पैसा वापस करने को कहा तो युवक धमकी देने लगा। युवती की मां की तहरीर पर भेलूपुर थाने में तीन लोगों पर मुकदमा दर्ज किया गया है।
ये है पूरा मामला
भेलूपुर थाना क्षेत्र के संकुलधारा इलाके में रहने वाली स्नेहधीर नामक महिला ने अपनी बेटी की शादी कुचौरा सिकंदरपुर गाजीपुर के रहने वाले शुभेंदु दूबे नामक युवक से तय की थी। इसमें मनीष तिवारी और आशा दूबे ने शुभेंदु दूबे को झारखंड में एसडीएम पद पर कार्यरत होना बताया था। बाद में शुभेंदु ने यूको बैंक पांडेयपुर शाखा में अपने ताऊ जितेंद्र दूबे के बचत खाते में साढ़े चार लाख रुपये जमा कराए। शादी की तिथि 14 दिसंबर 2022 तय थी। महिला के मुताबिक इसके लिए लॉन बुकिंग के साथ ही साज, सज्जा, खानपान, नाश्ता की बुकिंग भी हुई। शादी वाले दिन बरात नहीं आई। इस वजह से लाखों रुपये का नुकसान हुआ। बाद में पता चला कि शुभेंदु कहीं भी एसडीएम नहीं है। वहीं, महिला की तहरीर पर पुलिस ने गाजीपुर के कुचौरा निवासी शुभेंदु, आशा दूबे और मनीष तिवारी पर जालसाजी, जान से मारने की धमकी, दहेज प्रतिषेध अधिनियम सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।