पटवध आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। शासन के निर्देशानुसार 25 दिसंबर को भारत रत्न, पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई की जन्म शताब्दी वर्षगांठ के अवसर पर शिक्षा क्षेत्र बिलरियागंज अंतर्गत पूर्व माध्यमिक विद्यालय श्रीनगर सियरहां में श्रद्धा व उत्साह के साथ विविध शैक्षिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। विद्यालय परिसर में “अटल जी एवं सुशासन” विषय पर निबंध प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें कक्षा 6 से 8 तक के छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर प्रतिभाग किया। बच्चों ने अपने निबंधों के माध्यम से अटल बिहारी वाजपेई के जीवन, उनके सरल व्यक्तित्व, लोकतांत्रिक मूल्यों, राष्ट्रहित में लिए गए निर्णयों तथा सुशासन की अवधारणा पर विचार प्रस्तुत किया।
शिक्षकों ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए अटल जी के आदर्शों, उनकी काव्यात्मक सोच, राजनीतिक शुचिता एवं सर्वसमावेशी विकास के दृष्टिकोण पर प्रकाश डाला। बच्चों को यह भी बताया गया कि सुशासन का अर्थ केवल प्रशासन नहीं, बल्कि ईमानदारी, पारदर्शिता और जनकल्याण की भावना है। विद्यालय की शिक्षिका कमला रानी ने कहा कि ऐसे आयोजनों से विद्यार्थियों में देश के महान नेताओं के प्रति सम्मान, नैतिक मूल्यों तथा जिम्मेदार नागरिक बनने की प्रेरणा मिलती है। अंत में उत्कृष्ट निबंध लिखने वाले विद्यार्थियों की सराहना की गई और सभी बच्चों को अटल जी के विचारों को जीवन में अपनाने का संदेश दिया गया।
रिपोर्ट-बबलू राय