डिजिटल अरेस्ट के नाम पर 38 लाख की ठगी

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पटवध आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। जनपद से डिजिटल अरेस्ट के नाम पर 38 लाख रुपये की ठगी करने के मामले में चंडीगढ़ पुलिस ने शनिवार को आजमगढ़ शहर के कुर्मी टोला मोहल्ले से एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी को स्थानीय अदालत में पेश किया, जहां सुनवाई के बाद मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) सत्यवीर सिंह ने उसे ट्रांजिट रिमांड पर चंडीगढ़ पुलिस को सौंपने का आदेश दिया।
इस मामले में चंडीगढ़ के साइबर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था। पीड़ित ने शिकायत में बताया कि बीते 7 जनवरी को उसके मोबाइल पर एक फोन कॉल आया, जिसमें कॉल करने वाले ने खुद को पुलिस अधिकारी बताते हुए कहा कि उसके आधार कार्ड का इस्तेमाल मनी लॉन्ड्रिंग में किया गया है और इस मामले की जांच मुंबई पुलिस कर रही है।
कॉल करने वालों ने पीड़ित को गिरफ्तारी का डर दिखाते हुए खुद को जांच एजेंसी का अधिकारी बताया और मामले को सुलझाने के नाम पर उससे कई बार में कुल 38 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए। बाद में पीड़ित को ठगी का एहसास हुआ तो उसने चंडीगढ़ साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई।
मामले की जांच कर रहे विवेचना अधिकारी गुरविंदर सिंह ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आजमगढ़ शहर के कुर्मी टोला निवासी स्पर्श सिंह की भूमिका संदिग्ध पाई। इसके बाद चंडीगढ़ पुलिस की टीम ने कोतवाली पुलिस के सहयोग से शनिवार को आरोपी को गिरफ्तार कर लिया और उसे सीजेएम कोर्ट में पेश किया।
अदालत में चंडीगढ़ पुलिस ने आरोपी से पूछताछ के लिए पांच दिन की ट्रांजिट रिमांड की मांग की। मामले की सुनवाई के बाद सीजेएम सत्यवीर सिंह ने शनिवार शाम 5 बजे से लेकर 10 मार्च शाम 5 बजे तक आरोपी को ट्रांजिट रिमांड पर चंडीगढ़ पुलिस को सौंपने का आदेश दिया। साथ ही यह भी निर्देश दिया कि आरोपी के स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखा जाए और उसके साथ किसी प्रकार का टॉर्चर न किया जाए।
पुलिस के अनुसार, आरोपी को चंडीगढ़ ले जाकर उससे इस साइबर ठगी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के बारे में पूछताछ की जाएगी। संभावना है कि इस गिरोह से जुड़े और भी लोगों के नाम सामने आ सकते हैं।
रिपोर्ट-बबलू राय

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