आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। विश्व परिवहन दिवस के अवसर पर जिलाधिकारी की प्रेरणा से नेशनल बुक ट्स्ट के रचनात्मक सहयोग से पर्यावरण विभाग तथा परिवहन विभाग के सहयोग से आयोजित 23 वें आजमगढ़ पुस्तक मेले में सड़क सुरक्षा नारा नहीं जीवन जीने का तरीका है’’ विषय पर पर विमर्श एवं कार्यशाला का आयोजन किया गया।
गोष्ठी को सम्बोधित करते हुए वरिष्ठ पत्रकार चन्द्रभूषण ने कहा कि व्यक्ति का जीवन उसके माता-पिता तथा परिवार के लिए अनमोल है। सड़क पर वाहन चलाते हुए थोड़ी सी जल्दवाजी के कारण या तो हम दूसरे की जान लेते है या अपनी ही जान गंवा देते हैं। हमें अपने तथा अपनों के जीवन के महत्व को समझते हुए ट्रैफिक नियमों का पालन करना चाहिए। उन्होने कहा कि सड़क सुरक्षा कोई नारा नहीं बल्कि एक संस्कार है अतः इसे हमें अपने तथा अपने बच्चों के जीवन में संस्कार के रूप में रोपित करना होगा। तभी हमारी जिंदगी सड़क पर महफूज होगी। उन्होंने कहा कि हमारी संस्कृति पहले आप की संस्कृति का हमेशा से पालन करती रही है यदि हम सड़क पर इसे व्यवहार के रूप में जिये तो जाहिर है सड़क दुर्घटना से निजात मिलेगी।
अध्यक्षता करते हुए शिब्ली संस्थान के अध्यक्ष श्री मिर्जा महफूजुर्रहमान वेग ने कहा कि जागरूकता कार्यक्रम के माध्यम से यातायात शिक्षा को समाज के बड़े हिस्से तक पहुचाने का कार्य करना चाहिए तभी दुर्घटनामुक्त आजमगढ़ का सपना साकार होगा। जब समाज का हर वर्ग जागरूक होगा निश्चित ही सड़क दुर्घटना से निजात मिलेगी। इस अवसर पर शिब्ली डिग्री कालेज के प्राचार्य अली अफ़सर जाफ़री, सलमान अंसारी और शिब्ली इंटर कालेज के प्रधानाचार्य जैद नूरुल्लाह, अनिल राय, मानवेन्द्र आदि लोग उपस्थित रहे।
रिपोर्ट-प्रमोद यादव/ज्ञानेन्द्र कुमार