अतरौलिया आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। क्षेत्र के कटोही ग्राम सभा अंतर्गत खदेरू पट्टी गांव निवासी आईटीबीपी के वीर जवान कैप्टन अमर प्रताप सिंह (राहुल सिंह) का लद्दाख के गलवान घाटी में ड्यूटी के दौरान हृदय गति रुकने से निधन हो गया। देश की रक्षा में जीवन समर्पित करने वाले इस वीर सपूत को रविवार को राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। शहीद के पार्थिव शरीर के गांव पहुंचते ही पूरा क्षेत्र शोक और गर्व के भाव से भर उठा।
शनिवार की रात करीब 10 बजे जैसे ही शहीद अमर प्रताप सिंह का पार्थिव शरीर पैतृक गांव खदेरू पट्टी पहुंचा, हजारों की संख्या में ग्रामीण, जनप्रतिनिधि और आसपास के क्षेत्रों से लोग अंतिम दर्शन के लिए उमड़ पड़े। भारत माता की जय और अमर प्रताप सिंह अमर रहें के नारों से पूरा गांव गूंज उठा। शहीद की माता चंपा देवी, पत्नी कविता सिंह, पिता राणा सिंह, पुत्र समर सिंह और कार्तिकेय का रो-रोकर बुरा हाल था। भाई हरिओम सिंह सहित पूरा परिवार गहरे सदमे में दिखा।
रविवार की सुबह शहीद की शव यात्रा अंबेडकर नगर स्थित श्मशान घाट के लिए निकली, जिसमें हजारों लोग शामिल हुए। जिस रास्ते से शव यात्रा गुजरी, वहां लोग सड़क के दोनों ओर खड़े होकर नम आंखों से अपने वीर सपूत को अंतिम सलामी देते रहे।
आईटीबीपी की 18वीं बटालियन के कमांडेंट संतोष गहलोत के नेतृत्व में शहीद को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इस दौरान आईटीबीपी के इंस्पेक्टर दीपू सिंह, सेनानायक संजय कुमार, एसडीएम अभयराज पांडेय, क्षेत्राधिकारी अजय प्रताप सिंह, थानाध्यक्ष देवेंद्र कुमार दुबे एवं एसआई पवन सिंह सहित अनेक प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों ने भी श्रद्धांजलि अर्पित की।
अमर प्रताप सिंह वर्ष 2007 में आईटीबीपी की 16वीं बटालियन में भर्ती हुए थे। वर्तमान में वे गलवान घाटी में इंस्पेक्टर रैंक पर तैनात थे। दो जनवरी को छुट्टी बिताकर वे पुनः ड्यूटी पर लौटे थे। जयनाथ सिंह ने कहा कि अमर प्रताप सिंह ने देश की सेवा में अपना जीवन समर्पित किया है। उनका बलिदान सदैव याद रखा जाएगा। ब्लॉक प्रमुख चंद्रशेखर यादव ने कहा कि शहीद अमर प्रताप सिंह पूरे क्षेत्र के गौरव थे।
इस अवसर पर ब्लॉक प्रमुख कोयलसा संतोष यादव, रवि प्रताप सिंह, समाजसेवी गुडलक सिंह, चंद्रजीत यादव आदि उपस्थित रहे।
रिपोर्ट-आशीष निषाद