अहरौला आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। कप्तानगंज-अहरौला मार्ग से नहर बाईपास होते हुए सरस्वती विद्या मंदिर स्कूल से अहरौला सोनकर बस्ती तक लगभग सात सौ मीटर लंबी सड़क का निर्माण कार्य इन दिनों विवादों में घिर गया है। इस सड़क की स्वीकृत लागत 32 लाख 40 हजार रुपये बताई जा रही है, जिसका निर्माण पंडित दीनदयाल उपाध्याय ग्राम सड़क योजना के तहत किया जा रहा है।
बताया जा रहा है कि इस सड़क का प्रस्ताव विधान परिषद सदस्य राम सूरत राजभर द्वारा दिया गया था। करीब चार माह पूर्व गिट्टी और रोड़ी गिराकर निर्माण कार्य शुरू कराया गया था, जो अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है। इसी बीच स्थानीय भाजपा नेताओं ने मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्य पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। उनका आरोप है कि सड़क का निर्माण मानकों के विपरीत और अत्यंत घटिया गुणवत्ता का किया गया है। नेताओं का कहना है कि यह कार्य कहीं न कहीं सूबे के मुख्यमंत्री की छवि खराब करने की साजिश हो सकती है, जिसमें अधिकारी और ठेकेदार शामिल हैं।
भाजपा नेताओं ने मौके पर सड़क की जांच करते हुए खुद सड़क को खोदकर उसकी गुणवत्ता परखी। उनका दावा है कि सड़क की परत इतनी कमजोर है कि जूते से रगड़ने पर ही उखड़ जा रही है।
मंडल अध्यक्ष अहरौला अर्पित मौर्य व भाजपा सेक्टर संयोजक ओमप्रकाश यादव ने कहा कि यह मामला बेहद गंभीर है। यदि जल्द ही इस पर कार्रवाई नहीं हुई तो वे इसकी शिकायत सीधे मुख्यमंत्री तक करेंगे और दोषी अधिकारियों व ठेकेदारों पर सख्त कार्रवाई की मांग करेंगे।
भाजपा नेताओं ने बताया कि सड़क की चौड़ाई 3 मीटर होनी चाहिए, जो कागजों में तो पूरी दिखाई जा रही है, लेकिन वास्तव में केवल 2 मीटर हिस्से में ही सही तरीके से रोड़ी डाली गई है। शेष एक मीटर क्षेत्र में गिट्टी और अलकतरा को घास के ऊपर ही फैला दिया गया है।
इस मामले में संबंधित अधिकारी कनिष्ठ अभियंता शैलेश यादव से फोन पर संपर्क किया गया तो उन्होंने बताया कि मामला संज्ञान में है और वे स्वयं मौके पर पहुंचकर जांच करेंगे।
इस दौरान अर्पित मौर्य, अमित श्रीवास्तव, अजय सिंह, ओमप्रकाश यादव, सूबेदार गिरी आदि मौजूद रहे।
रिपोर्ट-संतोष चौबे