फूलपुर आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। स्थानीय तहसील क्षेत्र में आम गरीब आदमी के लिए जन्म मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाना दुरूह हो गया है। महीनों तहसील ब्लाक का चक्कर लगा रहे हैं फिर भी जन्म मृत्यु प्रमाण पत्र जारी नहीं हो पा रहा है। खासकर अल्पसंख्यक समुदाय के बुजुर्ग तहसील ब्लाक में चक्कर लगाते देखे जा सकते हैं।
जन्म मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने में इतनी जटिल प्रक्रिया हो गयी है कि साधरण ब्यक्ति को कई हफ्ते सिर्फ तहसील से ब्लाक भ्रमण कर पता करने में लग जाता है। उपजिलाधिकारी के यहां शपथ पत्र के साथ जन्म प्रमाण पत्र का प्रार्थना पत्र देकर जो ग्रामीण इस ब्यवस्था में रहता है कि साहब आख्या मांग लिए हैं रिपोर्ट ब्लाक से आ जायेगी उनके प्रार्थना पत्र महीनों बाद ब्लाक पहुंचते है। तब शुरू होती हैं अग्रसारित होने की प्रक्रिया। बीडीओ से सहायक बिकास अधिकारी, सहायक बिकास अधिकारी से ग्राम पंचायत अधिकारी बिना पैरवी के महीनों ग्राम पंचायत अधिकारी के यहां रह जाती है अग्रसारित प्रार्थना पत्र की फाइलें। जन्म मृत्यु की लंबी प्रक्रिया से ग्रामीण महिला पुरुष सरकारी रिपोर्ट के मकड़जाल में उलझ कर रह जा रहे हैं। ग्रामीणों का आर्थिक शारीरिक शोषण धड़ल्ले से हो रहा है।
इस सम्बंध में बीडीओ इशरत रोमेल ने बताया कि जन्म मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने में बिशेष रूप से सतर्कता बरती जाती है। परन्तु आम आदमी को दिक्कत न हो, कहीं कार्य रुकने नहीं दिया जा रहा है। कहीं किसी प्रकार की कोई समस्या हो तो आवेदक स्वयं मुझसे संपर्क कर सकता है।
रिपोर्ट-मुन्ना पाण्डेय